केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय करदाताओं के साथ रिकॉर्ड 125 अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौते (एपीए) किए हैं। इनमें 86 एकपक्षीय एपीए (यूएपीए) और 39 द्विपक्षीय एपीए (बीएपीए) शामिल हैं। यह एपीए कार्यक्रम के लॉन्च के बाद से किसी भी वित्तीय वर्ष में अब तक का सबसे अधिक एपीए हस्ताक्षर उदाहरण है। वित्त वर्ष 2023-24 में हस्ताक्षरित एपीए की संख्या भी पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान हस्ताक्षरित 95 एपीए की तुलना में 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसके साथ, एपीए कार्यक्रम की शुरुआत के बाद से एपीए की कुल संख्या 641 हो गई है, जिसमें 506 यूएपीए और 135 बीएपीए शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान सीबीडीटी ने अब तक किसी भी वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक संख्या में बीएपीए पर हस्ताक्षर किए। बीएपीए पर भारत के संधि भागीदारों अर्थात् ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, डेनमार्क, जापान, सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका के साथ पारस्परिक समझौते में प्रवेश के परिणामस्वरूप हस्ताक्षर किए गए थे।
एपीए योजना मूल्य निर्धारण के तरीकों को निर्दिष्ट करके और अधिकतम पांच भविष्य के वर्षों के लिए अग्रिम रूप से अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की अनुमानित कीमत निर्धारित करके हस्तांतरण मूल्य निर्धारण के क्षेत्र में करदाताओं को निश्चितता प्रदान करने का प्रयास करती है। इसके अलावा, करदाता के पास पिछले चार वर्षों के लिए एपीए को रोलबैक करने का विकल्प होता है, जिसके परिणामस्वरूप, नौ वर्षों के लिए कर संबंधी निश्चितता प्रदान की जाती है। द्विपक्षीय एपीए पर हस्ताक्षर करने से करदाताओं को किसी भी प्रत्याशित या वास्तविक दोहरे कराधान से सुरक्षा मिलती है।
एपीए कार्यक्रम ने कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के भारत सरकार के मिशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, विशेष रूप से ऐसे बहुराष्ट्रीय उद्यमों के लिए जिनके समूह संस्थाओं के भीतर बड़ी संख्या में सीमा पार लेनदेन होते हैं।
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