मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों पर हुए हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी-(एन.आई.ए.) को सौंप दी है। एन.आई.ए. की टीम आज पश्चिम बंगाल पहुंचेगी।
इससे पहले कल, सर्वोच्च न्यायालय ने मालदा जिले में एस.आई.आर. प्रक्रिया में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले का संज्ञान लिया था। न्यायालय ने इसे निंदनीय बताते हुए राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य अधिकारियों से निष्क्रियता के लिए जवाब मांगा था।
यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में लिया गया है। वे 6 अप्रैल को सर्वोच्च न्यायालय को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
इस बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त ने मालदा घटना के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कल एक आपातकालीन वर्चुअल बैठक में राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।
कई घंटों तक चली इस बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, कोलकाता पुलिस आयुक्त, साथ ही सभी जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
उन्होंने मालदा के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक की भूमिका पर भी सवाल उठाया और इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की कि घंटों तक अशांति जारी रहने के बावजूद कोई भी वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद नहीं था।
इस बीच, शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव मोहम्मद गुलाम अली अंसारी को मालदा मंडल का आयुक्त नियुक्त किया गया है। आयोग ने न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया है।
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