केंद्र सरकार ने पंद्रहवें वित्त आयोग (एकसवी-एफसी) के अनुदानों के तहत मिजोरम के ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 15.20 करोड़ रुपये जारी किए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जारी की गई यह राशि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अप्रतिबंधित अनुदानों की दूसरी किस्त है। इस धनराशि से राज्य की सभी 808 पात्र ग्राम परिषदों को लाभ मिलेगा।
पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के जरिए भारत सरकार ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए राज्यों को पंद्रहवें वित्त वर्ष के अनुदान जारी करने की अनुशंसा करती है, जिसे वित्त मंत्रालय जारी करता है। आवंटित अनुदान अनुशंसित किए जाते हैं और एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किए जाते हैं। अप्रतिबंधित अनुदानों का उपयोग ग्रामीण स्थानीय निकाय संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित उनतीस विषयों के अंतर्गत स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए करते है, इसे वेतन और अन्य स्थापना लागतों पर खर्च नहीं किया जा सकता। बद्ध अनुदानों का उपयोग बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है, जिनमें (क) स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति का रखरखाव, जिसमें घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन एवं उपचार, विशेष रूप से मानव मल एवं मल कीचड़ प्रबंधन शामिल होना चाहिए; और (ख) पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण शामिल हैं।
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