केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सिक्किम में ग्रामीण स्थानीय निकायों हेतु 15वें वित्त आयोग के अनटाइड अनुदान की पहली किस्त के रूप में 643.50 लाख रूपये जारी किए है। यह धनराशि राज्य की 5 पात्र जिला पंचायतों (डीपी) और सभी 199 पात्र ग्राम पंचायतों (जीपी) के लिए है। इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अनटाइड अनुदान की दूसरी किस्त का रोका गया 17.50 लाख का रूपये का हिस्सा भी एक अतिरिक्त पात्र जिला पंचायत को जारी कर दिया गया है।
केन्द्र सरकार पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई)/ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) के लिए राज्यों को पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदान जारी करने की सिफारिश करती है, जिसे बाद में वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। आवंटित अनुदान की सिफारिश और वितरण एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में किया जाता है। अनटाइड अनुदानों का उपयोग पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई)/ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित उनतीस विषयों के अंतर्गत, वेतन और अन्य स्थापना लागतों को छोड़कर, स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए किया जाएगा। टाइड अनुदानों का उपयोग (ए) स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति के रखरखाव के लिए किया जा सकता है, जिसमें विशेष रूप से घरेलू अपशिष्ट और मानव मल का प्रबंधन तथा उपचार और फिकल स्लज प्रबंधन शामिल होना चाहिए और (बी) पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है।
गृह मंत्रालय ने जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जनगणना (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए हैं।…
भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है।…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग-एनएचआरसी ने महाराष्ट्र के नासिक जिले के अंबड औद्योगिक क्षेत्र के निकट दत्तानगर…
भारत और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालयों के संयुक्त कार्य समूह की आज उलानबातार में आयोजित…
भारत की क्वांटम प्रौद्योगिकी और सुरक्षित संचार क्षमताओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण…
भारतीय प्रेस परिषद ने विरोध और धरना-प्रदर्शनों की कवरेज करने वाले पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश…