भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत उर्वरक विभाग ने साफ कहा है कि पंजाब राज्य में चालू खरीफ 2026 सीजन लिए यूरिया की उपलब्धता पूरी तरह बनी हुई है। सरकार ने देश के अन्नदाताओं को आश्वस्त किया है कि धान की रोपाई की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत आपूर्ति और पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है।
पंजाब में यूरिया की वर्तमान उपलब्धता
खरीफ 2026 सीजन के लिए पंजाब की कुल आवश्यकता 14.50 लाख मीट्रिक टन (LMT) अनुमानित है। चालू सीजन में 9 जून 2026 तक की आनुपातिक (pro rata) आवश्यकता 9.0 LMT की थी, जिसके मुकाबले उर्वरक विभाग ने राज्य में 10.71 LMT यूरिया की उपलब्धता पहले ही सुनिश्चित कर दी है। इस अवधि के दौरान राज्य में यूरिया की वास्तविक बिक्री 6.25 LMT रही है, जिसके बाद भी वर्तमान में 4.46 LMT का बड़ा क्लोजिंग स्टॉक राज्य के पास उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, 39,167 मीट्रिक टन यूरिया इस समय रास्ते में (In-transit) है, जिससे राज्य में कुल उपलब्ध स्टॉक की स्थिति 4.85 LMT पहुंच जाती है।
अमृतसर जिले में उर्वरकों की स्थिति:
अमृतसर जिले में चालू खरीफ सीजन में अब तक कुल 64,720 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से आज की तारीख में 32,956 मीट्रिक टन यूरिया का सुरक्षित स्टॉक जिले में मौजूद है।
ऐतिहासिक रबी सीजन का रिकॉर्ड:
पिछले रबी 2025-26 सीजन में भी पंजाब की 15.00 LMT की अनुमानित मांग के विपरीत केंद्र सरकार ने 19.43 LMT की रिकॉर्ड उपलब्धता सुनिश्चित की थी, जिसमें कुल बिक्री 15.45 LMT दर्ज की गई थी।
अग्रिम भंडारण की कारगर रणनीति
खरीफ सीजन के सुचारू संचालन के लिए केंद्र सरकार ने दूरदर्शी रणनीति के तहत काम किया है। इस वर्ष जनवरी 2026 से मार्च 2026 के बीच पंजाब की 3.50 LMT की संयुक्त आवश्यकता के मुकाबले 6.08 LMT यूरिया की आपूर्ति पहले ही कर दी गई थी। इस तरह सीजन की शुरुआत से पहले ही 2.58 LMT अतिरिक्त यूरिया का अग्रिम भंडारण (Pre-positioning) सुनिश्चित किया गया था।
पंजाब में यूरिया की खपत की गति में इस बार उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 1 मार्च 2026 से 9 जून 2026 के बीच राज्य में 7.86 LMT यूरिया की बिक्री हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की बिक्री (7.10 LMT) से 76 हजार मीट्रिक टन अधिक है। इस भारी अग्रिम उठाव और पिछले रबी में अनुमान से 45,000 मीट्रिक टन अधिक हुई बिक्री के कारण राज्य सरकार के तात्कालिक बफर पर दबाव पड़ा था, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा लगातार इसकी प्रतिपूर्ति की जा रही है।
वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियां और भारत की उर्वरक रणनीति
वर्तमान में वैश्विक स्तर पर उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला गंभीर भू-राजनीतिक संकटों से प्रभावित रही है। विशेष रूप से अमेरिका-इजरायल व ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की उपलब्धता और समुद्री परिवहन पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
इन वैश्विक प्रतिकूलताओं के बावजूद, भारत सरकार ने अपने घरेलू कृषि क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रखा है । इसके लिए उर्वरक विभाग ने प्राकृतिक गैस की तत्काल खरीद (Spot Procurement) हेतु ईपीएमसी (EPMC) तंत्र को सक्रिय किया, जिससे घरेलू यूरिया उत्पादन को उल्लेखनीय गति मिली। इसके साथ ही, पूरे कैलेंडर वर्ष के दौरान रणनीतिक रूप से आयात को सुचारू रखा गया, जिससे देश और विशेष रूप से पंजाब राज्य को निर्बाध आपूर्ति मिलती रही।
राज्यों का दायित्व और प्रवर्तन (Enforcement) के कड़े निर्देश:
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहां थोक में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करना केंद्र की जिम्मेदारी है, वहीं राज्य के भीतर विभिन्न जिलों और एक जिले से दूसरे जिले में इसका समान और सुचारू वितरण सुनिश्चित करना पूरी तरह राज्य सरकार का दायित्व है ताकि किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम कमी न होने पाए।
सब्सिडी वाले यूरिया का दुरुपयोग रोकने और यह केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे, इसके लिए सचिव (कृषि एवं किसान कल्याण) तथा सचिव (उर्वरक विभाग) की सह-अध्यक्षता में राज्य के उच्चाधिकारियों के साथ निरंतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से समीक्षा बैठकें आयोजित की गई हैं। राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि:
वर्तमान में पंजाब में धान की रोपाई पूरी तरह गति पकड़ने वाली है, और राज्य के पास इस मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं । सभी उर्वरक उत्पादक और आयातक कंपनियों को राज्य सरकार की वास्तविक मांग के हिसाब से उपलब्धता का ठीक से प्रबंधन करने की सलाह दी गई है। भारत सरकार राज्य सरकार के साथ निरंतर संपर्क में है और किसानों के हितों की रक्षा के लिए चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी कर रही है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज स्कोप्ये में उत्तर मैसीडोनिया की राष्ट्रपति, महामहिम डॉ. गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा…
केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री (एमडीओएनईआर) ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने मेघालय के मुख्यमंत्री…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में खरीफ फसलों…
दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में 20 जुलाई 2026 को चार-दिवसीय बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम,…
हिमाचल प्रदेश में चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी और कुल्लू जिलों में अगले 24 घंटे के…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में भविष्य में परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए…