भारत

केंद्र ने अनाज और तिलहन में नमी के स्तर को मापने के काम आने वाले नमी मीटर के लिए मसौदा नियमों पर चर्चा की

केन्द्रीय उपभोक्ता मामले विभाग ने अनाज और तिलहन में नमी के स्तर को मापने में काम आने वाले नमी मीटर के लिए मसौदा नियमों पर चर्चा करने के लिए सभी हितधारकों के साथ एक बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे ने की।

इस संशोधन का उद्देश्य अनाज और तिलहन में नमी के स्तर को मापने में नमी मीटर के लिए विनिर्देशों को शामिल करना है। नियम अनाज और तिलहन के वाणिज्यिक लेनदेन में उपयोग किए जाने वाले अनाज नमी मीटर के प्रकार अनुमोदन के लिए माप संबंधी और तकनीकी आवश्यकताओं, परीक्षण विधियों और अधिकतम स्वीकार्य त्रुटियों को निर्दिष्ट करेंगे। इस बैठक में विभिन्न निर्माताओं, उपयोगकर्ताओं, वैज्ञानिक संस्थानों, प्रयोगशालाओं, राज्य सरकार के कानूनी माप विज्ञान विभागों और वीसीओ ने भाग लिया।

नमी मीटर एक विशेष उपकरण है जिसका उपयोग विभिन्न पदार्थों, विशेष रूप से कृषि में अनाज और तिलहन में नमी की मात्रा को मापने के लिए किया जाता है। नमी के बारे में इससे सटीक आंकड़े मिलते हैं जो इन वस्तुओं की गुणवत्ता और भंडारण उपयुक्तता निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण है। नमी के स्तर को मापकर, किसान और व्यापारी अनाजों का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित कर सकते हैं, इसके खराब होने के जोखिम को कम कर सकते हैं और भंडारण तथा परिवहन के लिए इष्टतम स्थिति बनाए रख सकते हैं। कानूनी माप विज्ञान नियमों में नमी मीटरों को शामिल करने के प्रस्ताव का उद्देश्य उनकी सटीकता को मानकीकृत और विनियमित करना, कृषि व्यापार प्रथाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता बढ़ाना है।

नमी मीटर से संबंधित मसौदा नियम 30 मई, 2024 को सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध कराए गए थे, जिसमें जून, 2024 के अंत तक सभी हितधारकों से टिप्पणियां आमंत्रित की गई थीं। इस बैठक के दौरान मसौदा नियमों पर प्राप्त सभी टिप्पणियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

सभी हितधारकों ने अनाज और तिलहन में नमी के स्तर को मापने के काम आने वाले नमी मीटर को शामिल करने के लिए प्रस्तावित संशोधन का समर्थन किया। उन्होंने किसानों और कृषि क्षेत्र में शामिल अन्य हितधारकों के सर्वोत्तम हित में इन नियमों को लागू करने के महत्व पर जोर दिया।

विभाग नमी मीटरों के अलावा गैस मीटर (पीएनजी मीटर), ऊर्जा मीटर, वाहनों की गति मापने के लिए रडार उपकरण और श्वास विश्लेषकों को विनियमित करने के लिए नियम बनाने पर भी काम कर रहा है। इसके लिए निर्माताओं, उपयोगकर्ताओं और स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन सहित सभी हितधारकों के साथ सार्वजनिक परामर्श किया जा रहा है।

Editor

Recent Posts

फ्लाईदुबई फ्लाइट के ओमानी सह-पायलट ने विमान अपहरण की साजिश नाकाम होने के बाद उसे सऊदी अरब के रेगिस्‍तान में गिराने की कोशिश की थी

इटली के अखबार कोरिएरे देल्‍ला सेरा की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई विमान के ओमानी सह-पायलट…

3 घंटे ago

उत्तर प्रदेश में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच लखनऊ जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज किया

उत्तर प्रदेश में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच लखनऊ जिला प्रशासन ने राहत…

3 घंटे ago

प्रधानमंत्री मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गी. पाहमला आज नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गी. पाहमला आज नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता…

3 घंटे ago

अंतररष्‍ट्रीय शांति-सुरक्षा और संपर्क सुविधा उभरती शक्तियों के लिए महत्‍वपूर्ण एजेंडा: विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर

विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने कहा है कि अंतररष्‍ट्रीय शांति और सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला…

16 घंटे ago

भारत और कनाडा कल से ओटावा में प्रस्‍तावित व्‍यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत का पांचवा दौर शुरू करेंगे

भारत और कनाडा कल से ओटावा में प्रस्‍तावित व्‍यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सी. ई. पी.…

16 घंटे ago

एशिया खेल 2026 का समापन, भारत ने 85 मेडल के साथ पदक तालिका में हासिल किया चौथा स्थान

एशिया खेल 2026 का जापान के नागोया में आधिकारिक समापन हो गया है। इस दौरान…

16 घंटे ago