सर्वोच्च न्यायालय ने आज संविधान के अनुच्छेद 361 की रूपरेखा की जांच करने पर सहमति व्यक्त की है। यह अनुच्छेद राज्यपालों को किसी भी तरह के आपराधिक मुकदमें से छूट प्रदान करता है। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश पश्चिम बंगाल राजभवन की एक पूर्व महिला कर्मचारी की याचिका पर दिया गया है। इस याचिका में राज्यपाल सी वी आनंद द्वारा कथित छेडछाड करने और वहां के अधिकारियों द्वारा उस महिला कर्मचारी को गलत तरीके से कैद करने से संबंधित है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चन्द्रचूड, न्यायाधीश जे बी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ ने महिला की याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया और उन्हें संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में भारत संघ को पक्षकार बनाने की स्वतंत्रता दी।
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