केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत अनुदान राशि जारी किया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तमिलनाडु के लिए 127.586 करोड़ रुपए की अबद्ध अनुदान राशि की पहली किस्त (जिसमें 2901 पात्र ग्राम पंचायतें, 74 पात्र ब्लॉक पंचायतें और 9 पात्र जिला पंचायतें शामिल हैं) और वित्त वर्ष 2024-25 के लिए असम के लिए 214.542 करोड़ रुपए (जिसमें सभी 2192 पात्र ग्राम पंचायतें, 156 पात्र ब्लॉक पंचायतें और सभी 27 पात्र जिला परिषदें शामिल हैं) वितरित की गई है।
केंद्र सरकार पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल और स्वच्छता विभाग) के माध्यम से ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी)/पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) के लिए राज्यों को 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत अनुदान राशि जारी करने की सिफारिश करती है जिसे बाद में वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। आवंटित अनुदानों की सिफारिश की जाती है और एक वित्त वर्ष में 2 किस्तों में जारी किया जाता है।
अबद्ध अनुदान का उपयोग आरएलबी/पीआरआई द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित उनतीस (29) विषयों के अंतर्गत वेतन और अन्य स्थापना लागतों को छोड़कर, स्थान विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए किया जाता है जबकि बद्ध अनुदान का उपयोग (ए) स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव की बुनियादी सेवाओं के लिए किया जाता है और इसमें घरेलू अपशिष्ट का प्रबंधन और उपचार और विशेष रूप से मानव मल और मल प्रबंधन और (बी) पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण शामिल होना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज घोषणा की कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों…
कारगिल विजय दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की सफलता इस बात का प्रमाण है…
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज कर्तव्य भवन में शिक्षा मंत्रालय का औपचारिक रूप से…
ऊर्जा और खनन क्षेत्रों के केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) में परियोजना क्रियान्वयन, परिसंपत्ति…
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित रासायनिक…