भारतीय नौसेना का प्रमुख बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास, एक्सरसाइज मिलान 2026, 25 फरवरी 2026 को विशाखापट्टनम तट पर भारत के स्वदेशी विमानवाहक पोत, आईएनएस विक्रांत पर आयोजित समापन समारोह के साथ पूरा हुआ।
समारोह की अध्यक्षता रियर एडमिरल आलोक आनंद, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग ईस्टर्न फ्लीट (एफओसीईएफ) ने की। समारोह में सभी प्रतिभागी इकाइयों के कमांडिंग ऑफिसर और अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जो अभ्यास के सफल समापन का उदाहरण था और बंगाल की खाड़ी के विशाल क्षेत्र में बने अटूट संबंधों का जश्न मनाने का अवसर प्रदान करता था।
‘भाईचारा, सहयोग, सहभागिता’ की विषयवस्तु के अंतर्गत आयोजित मिलान 2026 में अभूतपूर्व पैमाने पर सहभागिता देखी गई, जिसमें 42 जहाज और पनडुब्बियां तथा 29 विमान शामिल थे। इनमें भाग लेने वाले मित्र विदेशी देशों के 18 जहाज भी शामिल थे।
इसके साथ ही, मित्र देशों के जहाजों पर तैनात अभिन्न हेलीकॉप्टरों के अतिरिक्त, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका के समुद्री गश्ती विमानों ने भी हिस्सा लिया।
मिलान 2026 का शुभारंभ हार्बर फेज के साथ हुआ, जिसमें द्विपक्षीय बैठकें, विषय विशेषज्ञ विनिमय (एसएमईई) कार्यक्रम और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगोष्ठी (आईएमएस) शामिल थे। पेशेवरों के आदान-प्रदान के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्रॉस-डेक और बाहरी स्थानों की यात्राएं भी आयोजित की गईं।
तकनीकी प्रदर्शनों और युवा अधिकारियों के मिलान (एमओवाईओ) संवाद ने सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाया, जबकि मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताओं ने अनौपचारिक बातचीत को संभव बनाया।
इसके बाद समुद्री चरण आया, जिसमें एकीकृत हवाई रक्षा और पनडुब्बी रोधी युद्ध अभ्यास, समुद्री अवरोधन अभियान, सतह पर हमले का समन्वय, संचार अभ्यास और क्रॉस-डेक उड़ान संचालन सहित एडवांस युद्ध के विषयों पर केंद्रित उच्च-तीव्रता वाले परिचालन अभ्यास शामिल थे, जिससे अंतरसंचालनीयता और सामूहिक तत्परता में बढ़ोतरी हुई।
सतही तोपों के अभ्यास और विमान चालक दल अभ्यास के साथ-साथ वायु-रोधी फायरिंग के तहत लाइव फायरिंग भी की गई। वास्तविक समय समन्वय, संयुक्त मिशन योजना और समुद्र में रसद सहायता पर विशेष जोर दिया गया।
विदेशी मित्र नौसेनाओं ने भारतीय नौसेना के जहाजों के साथ उच्च गति वाले सामरिक अभ्यासों में हिस्सा लिया, जो सुरक्षित और संरक्षित समुद्र सुनिश्चित करने की दिशा में समुद्री हितों के बढ़ते सम्मिलन को प्रतिबिंबित करता है। इस अभ्यास ने निर्बाध समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं और सर्वोत्तम प्रथाओं को सिद्ध किया, जो महासागर – क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति की परिकल्पना के अनुसार हैं।
स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर समापन समारोह के दौरान, सभी प्रतिभागी जहाजों के कमांडिंग ऑफिसर्स ने मिलान 2026 की विशेषता रही पेशेवर आचरण और सावधानीपूर्वक योजना के लिए गहरी सराहना जताई। उन्होंने पूरी सहमति से पुष्टि की कि अभ्यास ने अपने प्रशिक्षण उद्देश्यों और परिचालन लक्ष्यों को व्यापक रूप से प्राप्त किया है, जिससे अंतरसंचालनीयता, पारस्परिक समझ और सामूहिक समुद्री तत्परता में विशेष बढ़ोतरी हुई है।
मिलान 2026 का सफल समापन भाग लेने वाली नौसेनाओं की सहकारी तंत्र को मजबूत करने और सुरक्षित समुद्रों के लिए स्थायी साझेदारी को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
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