बिज़नेस

देश की औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर सुस्त पड़कर 4.8 प्रतिशत पर आ गई

इस साल जुलाई में खनन और विनिर्माण क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन की वजह से देश की औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर सुस्त पड़कर 4.8 प्रतिशत पर आ गई। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की तरफ से बृहस्पतिवार को औद्योगिक उत्पादन के ये आंकड़े जारी किए गए। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के संदर्भ में मापा जाने वाला कारखाना उत्पादन जुलाई, 2023 में 6.2 प्रतिशत बढ़ा था।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस साल जुलाई में देश का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 4.8 प्रतिशत बढ़ा था। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन जुलाई में 4.6 प्रतिशत बढ़ा जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह 5.3 प्रतिशत बढ़ा था।

खनन क्षेत्र की वृद्धि दर जुलाई, 2024 में 3.7 प्रतिशत रही जबकि बिजली उत्पादन में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में देश का औद्योगिक उत्पादन 5.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 5.1 प्रतिशत बढ़ा था।

मुख्य बातें:

  • जुलाई 2024 माह के लिए आईआईपी वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत है जो जून 2024 के माह में 4.7 प्रतिशत था।
  • जुलाई 2024 माह के लिए तीन क्षेत्रों, खनन, विनिर्माण और विद्युत की विकास दर क्रमशः 3.7 प्रतिशत, 4.6 प्रतिशत और 7.9 प्रतिशत है।
  • जुलाई 2024 माह के लिए आईआईपी का त्वरित अनुमान 149.6 है जबकि यह जुलाई 2023 में 142.7 था। जुलाई 2024 माह के लिए खनन, विनिर्माण और विद्युत क्षेत्रों के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक क्रमशः 116.0, 148.6 और 220.2 हैं।
  • विनिर्माण क्षेत्र में, जुलाई 2024 माह के लिए शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ता हैं – “मूल धातुओं का विनिर्माण” (6.4 प्रतिशत), “कोक और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का विनिर्माण” (6.9 प्रतिशत), और “विद्युत उपकरणों का विनिर्माण” (28.3 प्रतिशत) रहा।
  • उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार, जुलाई 2024 माह के लिए प्राथमिक वस्तुओं के लिए सूचकांक 150.1, पूंजीगत वस्तुओं के लिए 114.4, मध्यवर्ती वस्तुओं के लिए 164.3 और अवसंरचना/निर्माण वस्तुओं के लिए 178.7 रहा। इसके अलावा, जुलाई 2004 के दौरान टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं के सूचकांक क्रमश 126.6 और 146.8 रहा।
  • जुलाई 2023 की तुलना में जुलाई 2024 में उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार आईआईपी की संगत वृद्धि दरें प्राथमिक वस्तुओं में 5.9 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं में 12.0 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं में 6.8 प्रतिशत, अवसंरचना/निर्माण वस्तुओं में 4.9 प्रतिशत, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 8.2 प्रतिशत और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में -4.4 प्रतिशत रहा (विवरण III)। उपयोग-आधारित वर्गीकरण के आधार पर, जुलाई 2024 के दौरान आईआईपी की वृद्धि में शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ताओं में शामिल हैं – प्राथमिक वस्तुएं, मध्यवर्ती वस्तुएं और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं।
  • पिछले 13 महीनों के आईआईपी के मासिक सूचकांक और वृद्धि दर (प्रतिशत में)
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