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CSC ने 10,000 FPO को सीएससी में बदलने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

सीएससी एसपीवी और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के बीच आज (7 जून 2024) दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका उद्देश्य ‘10,000 एफपीओ योजना के गठन एवं संवर्धन’ के तहत पंजीकृत एफपीओ को सीएससी में बदलना और उन्हें नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने में सहायता करना है।

समझौते के अनुसार, 10,000 एफपीओ को सीएससी में बदला जाएगा। सीएससी एसपीवी उन्हें डिजिटल सेवा पोर्टल पर उपलब्ध सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाएगा। एफपीओ का प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सीएससी द्वारा किया जाएगा।

समझौते पर संजय राकेश, एमडी एवं सीईओ, सीएससी एसपीवी और फैज अहमद किदवई, अतिरिक्त सचिव, कृषि मंत्रालय ने मनोज आहूजा, सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 में “10,000 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के गठन और संवर्धन” के लिए केंद्रीय क्षेत्र की योजना शुरू की, जो किसानों को उनकी सौदेबाजी की शक्ति बढ़ाने, पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं का लाभ उठाने, उत्पादन की लागत में कमी लाने और अपने कृषि उत्पादों के एकत्रीकरण के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में सक्षम बना रही है, इस तरह ये स्थायी आय की दिशा में एक प्रमुख भूमिका निभा रही है। आज की पहल के बाद, एफपीओ के माध्यम से सीएससी सेवाओं के वितरण से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

सीएससी ने हमेशा विभिन्न पहलों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश की है। किसान और कृषि हमारी पहल का एक अभिन्न अंग हैं। देश के दूरदराज के क्षेत्रों में उपस्थित सीएससी के विशाल नेटवर्क की बदौलत, वे पहले से ही टेली-कंसलटेशन, फसल बीमा, ई-पशु चिकित्सा, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान योजनाओं के माध्यम से किसानों को विभिन्न सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान, सीएससी एसपीवी के एमडी-सीईओ संजय राकेश ने कहा, “यह बेहद प्रसन्नता की बात है कि 10,000 एफपीओ अब सामान्य सेवा केंद्र के रूप में काम करेंगे। इस पहल से, एफपीओ से जुड़े अधिक किसान सीएससी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे एफपीओ नागरिकों को वे सभी सेवाएं प्रदान कर सकेंगे, जो सीएससी योजना के डिजिटल सेवा पोर्टल पर उपलब्ध हैं।’’

यह पहल देश के ग्रामीण विकास और डिजिटल सशक्तिकरण के आंदोलन को एक नया आयाम देगी। इससे सीएससी की कृषि संबंधी सेवाओं में भारी वृद्धि होगी। इससे एफपीओ को, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस), फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और उर्वरक और सीड इनपुट जैसी विभिन्न सेवाएं प्रदान करने के लिए, नोडल सेंटर बनने में भी मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान, कृषि मंत्रालय के निदेशक (विपणन) कपिल अशोक बेंद्रे, सीएससी एसपीवी के उपाध्यक्ष सुबोध मिश्रा और सीएससी एसपीवी के सलाहकार देविंदर रुस्तगी भी उपस्थित थे।

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