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DARPG ने सिविल सेवा में मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में सहयोग के लिए कंबोडिया के सिविल सेवा मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

कार्मिक, लोक प्रशासन और पेंशन मंत्रालय के तहत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने आज सिविल सेवा में मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में सहयोग के लिए सिविल सेवा मंत्रालय, कंबोडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह एमओयू अगले 5 वर्षों के दौरान सिविल सेवा में मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में भारत और कंबोडिया के बीच सौहार्दपूर्ण एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूती देगा। आज नोम पेन्ह में आयोजित औपचारिक समारोह के दौरान एमओयू पर किंगडम ऑफ कंबोडिया की ओर से उप प्रधानमंत्री और सिविल सेवा मंत्री हुन मैनी और भारत सरकार की ओर से किंगडम ऑफ कंबोडिया में भारत की राजदूत डॉ. देवयानी खोबरागड़े ने हस्ताक्षर किए।

इस समारोह में विदेश मंत्रालय, कंबोडिया में भारतीय दूतावास, भारत में कंबोडिया के दूतावास और किंगडम ऑफ कंबोडिया के सिविल सेवा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, लंदन में भारतीय उच्चायोग से डीएआरपीजी सचिव वी. श्रीनिवास, डीएआरपीजी संयुक्त सचिव एन बी एस राजपूत और डीएआरपीजी उप सचिव पार्थसारथी भास्कर ने भाग लिया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में डीएआरपीजी सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि समझौता ज्ञापन सिविल सेवा में मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आदान-प्रदान एवं सहयोग को मजबूत करने और बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेगा तथा साथ ही भारत की कार्मिक प्रशासन एजेंसियों और किंगडम ऑफ कंबोडिया के सिविल सेवा मंत्रालय की एजेंसियों के बीच संवाद की सुविधा भी प्रदान करेगा। ऐसा प्रशासनिक सुधारों, सुशासन संबंधी वेबिनार, शोध प्रकाशनों, संस्थागत आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और सुशासन के तौर-तरीकों को एक दूसरे के यहां लागू किए जाने पर केंद्रित यात्राओं के माध्यम से किया जाएगा। वर्तमान में, भारत में जारी अमृत काल के उत्सव के साथ, सरकार नागरिकों और सरकार के बीच की खाई को पाटकर अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधारों को अपनाने के लिए व्यापक रूप से प्रतिबद्ध है। सरकार का नीति वाक्य “अधिकतम शासन-न्यूनतम सरकार” है जो “डिजिटल रूप से सशक्त नागरिक और डिजिटल रूप से परिवर्तित संस्थान” की परिकल्पना करता है।

2023-24 में, कंबोडिया के 156 सिविल सेवकों ने राष्ट्रीय सुशासन केंद्र में हुए 4 क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में भाग लिया। 2024-25 के लिए, कंबोडिया के 240 सिविल सेवकों के लिए 6 क्षमता निर्माण कार्यक्रम होना प्रस्तावित है। भारत एमओयू के सभी प्रावधानों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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