रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में चिकित्सा एवं निर्माण परियोजनाओं सहित रक्षा सेवाओं के लिए वित्तीय शक्तियों के संशोधित प्रत्यायोजन को जारी किया। वित्तीय शक्तियों में 100 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है, और कुछ मामलों में तो यह वृद्धि दोगुने से भी अधिक है। इससे फील्ड कमांडरों की परिचालन क्षमता और मजबूत होगी। इससे अनुबंधों को शीघ्रता से संपन्न करने तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण और अनुसंधान एवं विकास के लिए आवंटित वित्तीय शक्तियों को दोगुना कर दिया गया है ताकि विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं पर निर्भरता कम करके आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा सके। वित्तीय शक्तियों के संशोधित प्रत्यायोजन से चालू वर्ष के बजटीय आवंटन के अनुसार राजस्व मार्ग से 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद में मदद मिलेगी।
सेना/वायु सेना/नौसेना कमांडरों को सौंपी गई विशेष वित्तीय शक्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, साथ ही तत्काल परिचालन जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रदान की गई कुल सीमा में 100 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वित्तीय शक्तियों में वृद्धि के अतिरिक्त, सामान्य खरीद की तुलना में उच्चतर अधिकार क्षेत्र के साथ अग्रणी सेवा द्वारा संयुक्त सेवा खरीद को बढ़ावा देने के लिए नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। वस्तुओं और सेवाओं की खरीद को विकेंद्रीकृत करने के लिए कई नए सक्षम वित्तीय प्राधिकरणों की स्थापना की गई है।
वित्तीय शक्तियों को अंतिम बार 2021 में अधिसूचित किया गया था। सैन्य बलों की संख्या में विस्तार और बजट आवंटन में वृद्धि के मुकाबले परिचालन एवं रखरखाव पर बढ़ते व्यय को पूरा करने के लिए संशोधन आवश्यक हो गया था। वित्तीय शक्तियों में यह संशोधित प्रत्यायोजन, अक्टूबर 2025 में अधिसूचित संशोधित रक्षा खरीद नियमावली के साथ मिलकर, त्वरित निर्णय लेने के साथ रक्षा खरीद को गति प्रदान करेगा। इससे रक्षा बलों की आवश्यकताओं के अनुसार संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी, चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार, सचिव (पूर्व सैनिक कल्याण) सुकृति लिखी, सचिव (रक्षा वित्त) विश्वजीत सहाय, वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल नागेश कपूर, कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स अनुग्रह नारायण दास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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