दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजन बाबू फेफड़े एवं क्षय रोग संस्थान में दवाओं की कथित अनुपलब्धता से संबंधित एक जनहित याचिका पर कार्यवाही बंद कर दी है। अदालत को सूचित किया गया है कि शहर में मौजूदा भंडार कुछ सप्ताह तक चलेगा और शेष आपूर्ति की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद अदालत ने याचिका पर कार्यवाही बंद कर दी।
केंद्र सरकार और दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक ने अदालत में हलफनामा दायर किया जिसमें दिल्ली के भंडारण गृहों में दवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी आपूर्ति का विवरण दिया गया है। इस साल की शुरुआत में दायर अपनी जनहित याचिका में एनजीओ ‘सोशल ज्यूरिस्ट’ ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में एकमात्र अल्ट्रासाउंड मशीन काम नहीं कर रही है और पिछले छह महीनों से आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
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