दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजन बाबू फेफड़े एवं क्षय रोग संस्थान में दवाओं की कथित अनुपलब्धता से संबंधित एक जनहित याचिका पर कार्यवाही बंद कर दी है। अदालत को सूचित किया गया है कि शहर में मौजूदा भंडार कुछ सप्ताह तक चलेगा और शेष आपूर्ति की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद अदालत ने याचिका पर कार्यवाही बंद कर दी।
केंद्र सरकार और दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक ने अदालत में हलफनामा दायर किया जिसमें दिल्ली के भंडारण गृहों में दवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी आपूर्ति का विवरण दिया गया है। इस साल की शुरुआत में दायर अपनी जनहित याचिका में एनजीओ ‘सोशल ज्यूरिस्ट’ ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में एकमात्र अल्ट्रासाउंड मशीन काम नहीं कर रही है और पिछले छह महीनों से आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज मेरठ स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिन की जर्मनी यात्रा पर आज म्यूनिख पहुंचे। इसके बाद…
भारत ने तंजानिया के दार-एस-सलाम के श्री हिंदू मंडल अस्पताल को दो टन जीवन रक्षक…
रक्षा मंत्रालय ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) और इलेक्ट्रो न्यूमेटिक्स एंड हाइड्रोलिक्स (इंडिया) प्राइवेट…
भारतीय नौसेना का आईओएस सागर पहल के तहत तैनात एक ऑफशोर पेट्रोलिंग पोत आईएनएस सुनयना…
भारत और भूटान के बीच सीमा शुल्क पर संयुक्त समूह (जेजीसी) की सातवीं बैठक 20-21…