सरकार इस साल 1,00,000 टन का बफर स्टॉक बनाने के लिए प्याज के विकिरण प्रसंस्करण को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने की योजना बना रही है। इस कदम का मकसद राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले प्याज की कमी और मूल्यवृद्धि को रोकना है। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
सरकार के अनुमानों के अनुसार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में कम पैदावार के कारण दुनिया के सबसे बड़े प्याज निर्यातक के उत्पादन में 2023-24 में 16 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है। प्याज का उत्पादन दो करोड़ 54.7 लाख टन रहने की उम्मीद है।
आज एक नवंबर से देश में वित्तीय, टैक्स और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव…
अमरीका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों की कल अमरीका के अटलांटा में बैठक…
दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए आज से शीतकालीन कार्ययोजना लागू हो…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं…
केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 को राज्य सरकारों को 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त…
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से आतंकवाद के खतरे पर लगातार ध्यान देने की…