लोकसभा में विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारन्टी मिशन-ग्रामीण : जी-राम-जी- विधेयक 2025 पारित
लोकसभा ने विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारन्टी मिशन-ग्रामीण : जी-राम-जी- विधेयक 2025 पारित कर दिया है। इस विधेयक का मकसद विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप गांव का समग्र विकास करना है। गांव में हुए सामाजिक आर्थिक बदलावों को देखते हुए केंद्र सरकार विकसित भारत जी राम जी विधेयक लेकर आई है। नए विधेयक का उद्देश्य श्रमिकों को अधिक कार्य दिवसों की गारंटी बेहतर मजदूरी और सुरक्षा प्रदान करना है। मनरेगा के तहत फिलहाल एक वित्त वर्ष में 100 दिन के काम की गारंटी दी जाती है, वहीं नए विदेश में हर साल 125 दिन का रोजगार मिलेगा। यह विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप ग्रामीण विकास की गति को ओर बढावा देगा। साथ ही रोजगार के अधिक अवसर प्रदान कर ग्रामीण परिवारों को सशक्त बनाएगा। यदि 15 दिन के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो विधायक में बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मनरेगा योजना को उचित और प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। हम पैसा बचाना नहीं चाहते, हम रोजगार देना चाहते हैं। गांव को विकसित बनाना चाहते हैं। इसके इसी साल बजट में प्रस्तावित है 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपया, और ये रुपया कहां जाएगा ये मजदूरों को मजदूरी के लिए भी जाएगा, ये गांव के विकास के लिए भी जाएगा। अकेले भारत सरकार 95 हजार छह सौ करोड़ रूपया खर्चा करेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा के अन्तर्गत यूपीए सरकार ने केवल 2 लाख 13 हजार करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि मोदी सरकार ने 8 लाख 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यूपीए सरकार के दौरान वर्ष 2006-07 से 2013-14 तक एक हजार 660 करोड़ दिन का रोजगार सृजित हुआ, जबकि एनडीए सरकार के दौरान तीन हजार 210 करोड़ दिन का रोजगार सृजित हुआ।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यूपीए के दौरान इस योजना में महिलाओं की भागीदारी केवल 48 प्रतिशत थी, जिसे एनडीए सरकार के तहत बढ़ाकर 56 प्रतिशत से अधिक कर दिया गया है।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि नया कानून सभी राज्यों को न्याय दिलाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस योजना के तहत 60 प्रतिशत धनराशि मजदूरी और 40 प्रतिशत सामग्री के लिए निर्धारित है।
शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के हंगामे के बीच अपना जवाब दिया। बाद में अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया।





