दूरसंचार विभाग (डीओटी), गृह मंत्रालय (एमएचए) और राज्य पुलिस साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी में दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक साथ आए। इस सहयोगात्मक प्रयास का उद्देश्य धोखेबाजों के नेटवर्क को नष्ट करना और नागरिकों को डिजिटल खतरों से बचाना है।
गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला है कि साइबर अपराधों में 28,200 मोबाइल हैंडसेट का दुरुपयोग किया गया था। डीओटी ने आगे विश्लेषण किया और पाया कि इन मोबाइल हैंडसेटों के साथ आश्चर्यजनक रूप से 20 लाख नंबरों का उपयोग किया गया था। इसके बाद, दूरसंचार विभाग ने देश भर के दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को 28,200 मोबाइल हैंडसेटों को ब्लॉक करने और इन मोबाइल हैंडसेटों से जुड़े 20 लाख मोबाइल कनेक्शनों का तत्काल पुन: सत्यापन करने तथा पुन: सत्यापन में विफल रहने पर कनेक्शन काटने के निर्देश जारी किए।
यह एकीकृत दृष्टिकोण सार्वजनिक सुरक्षा तथा दूरसंचार बुनियादी ढांचे की अखंडता की रक्षा करने और एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति साझी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
भारतीय रेल ने स्वदेशी प्रौद्योगिकी के जरिए रेल सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में…
भारतीय रेलवे ने रेल सुविधा की सुगमता और संपर्क में सुधार लाने के उद्देश्य से…
अमरीका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा है कि ईरान के साथ वार्ता में प्रगति…
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा आज से शुरू होगी। यह राष्ट्रीय स्तर…
भारत आज से नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की दो दिवसीय…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज मध्य प्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत…