वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने ईंधन प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और संबद्ध सेक्टरों में स्टार्टअप्स की सहायता करने और नवोन्मेषण इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए एक फ्यूल टेक कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौता ज्ञापन के तहत, यह सहयोग विनिर्माण और डीप-टेक कार्य क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को व्यवस्थित सहायता प्रदान करने पर केंद्रित होगा, जिसमें नवाचार चुनौतियों और हैकाथॉन का सह-आयोजन, निवेशक संपर्क कार्यक्रम और कौशल विकास पहल का आयोजन तथा प्रायोगिक अवसरों और बाजार तक पहुंच को सुगम बनाना शामिल है। यह पहल प्रारंभिक चरण के नवोन्मेषकों को विचार निर्माण से लेकर प्रोटोटाइपिंग तक सहायता प्रदान करेगी और व्यापक पहुंच एवं भागीदारी के लिए स्टार्टअप इंडिया प्लेटफॉर्म का लाभ उठाएगी।
डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव ने इस अवसर पर कहा कि यह साझेदारी बुनियादी ढांचे, मार्गदर्शन और बाजार संपर्कों तक पहुंच को सक्षम बनाकर भारत के स्टार्टअप इको-सिस्टम को सुदृढ़ करने की सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सहयोग से ईंधन प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला प्रौद्योगिकियों जैसे प्रमुख सेक्टरों में नवाचार को गति मिलती है।
इस सहयोग के तहत, डीपीआईआईटी, रेपोस एनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर उद्योग-स्टार्टअप संबंधों को मजबूत करने और प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों के विकास में सहयोग प्रदान करेगा। इस पहल से स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा मिलने और उभरते सेक्टरों में स्टार्टअप्स के विस्तार में सहायता मिलने की उम्मीद है।
डीपीआईआईटी के उप सचिव टीएलके सिंह और रेपो एनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक अदिति भोसले वालुंज ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
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