केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने संपूर्ण देश में स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय सहायता बढ़ाने के लिए कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इस रणनीतिक सहयोग का उद्देश्य एक व्यापक ढांचा तैयार करना है जो स्टार्टअप्स को अनुकूलित बैंकिंग समाधान, ऋण और वित्तपोषण के अवसरों, डिजिटल और भुगतान अवसंरचना तथा क्षमता निर्माण कार्यक्रमों तक पहुंच प्रदान करने में सक्षम बनाएगा। यह साझेदारी एक नवाचार-प्रधान अर्थव्यवस्था को पोषित करने और भारत को एक वैश्विक स्टार्टअप केंद्र बनाने की दिशा में तेज़ी लाने के लिए उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की प्रतिबद्धता को पुष्ट करती है।
इस समझौते के अंतर्गत कोटक महिंद्रा बैंक डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के लिए समर्पित पेशकशों की एक श्रृंखला का विस्तार करेगा, जिसमें शून्य-शेष चालू खाते, कार्यशील पूंजी और सावधि ऋण, एपीआई-आधारित बैंकिंग प्लेटफ़ॉर्म, डिजिटल भुगतान समाधान और विशिष्ट स्टार्टअप कार्ड शामिल हैं। बैंक मेंटरशिप, निवेश सलाह, इनक्यूबेशन सहायता और नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म तक पहुंच की सुविधा भी प्रदान करेगा, जिससे स्टार्टअप्स को विचार से लेकर विस्तार तक प्रगति करने में मदद मिलेगी।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के संयुक्त सचिव संजीव ने इस अवसर पर कहा कि यह साझेदारी एक जीवंत और समावेशी नवाचार इको-सिस्टम बनाने के लिए उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है जो स्टार्टअप्स को उनकी यात्रा के हर चरण में सशक्त बनाता है। नीति, उद्योग और वित्त को एकीकृत करके, हमारा लक्ष्य उद्यमशीलता की महत्वाकांक्षा और स्थायी प्रभाव के बीच की कड़ी को मज़बूत करना है, और यह सुनिश्चित करना है कि देश के नवप्रवर्तकों के पास वैश्विक स्तर पर विकास के लिए सही साधन हों।
कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने कहा कि यह सहयोग अनुकूलित वित्तीय समाधानों, मेंटरशिप कार्यक्रमों और नेटवर्क तक पहुंच के माध्यम से स्टार्टअप समुदाय के साथ अधिक जुड़ाव की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे संस्थापकों को अपने उद्यमों को प्रभावी ढंग से बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
यह पहल बैंकिंग सेवाओं, परामर्श, तकनीकी सक्षमता, वित्तपोषण पहुंच और बाज़ार संपर्कों को शामिल करते हुए एक गतिशील सहायता प्रणाली प्रदान करेगी। इसे स्टार्टअप्स को उनकी यात्रा के हर चरण में—शुरुआती विचार से लेकर बाज़ार विस्तार तक—सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
कोटक की वित्तीय विशेषज्ञता और उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के नीतिगत नेतृत्व को मिलाकर, यह साझेदारी देश को आत्मनिर्भर, नवाचार-संचालित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में तेजी लाएगी।
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