खुफिया जानकारी पर आधारित एक अभियान में, डीआरआई के अधिकारियों ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर पटाखों की संदिग्ध आयात खेप को जब्त किया और जांच करने पर पाया कि उसमें “बोतल और वॉलपेपर” नामक घोषित वस्तुओं की आड़ में पटाखे छिपाए गए थे।
विस्तार से की गई जांच में लगभग 10,000 किलोग्राम वजन के 19,800 पटाखे (जिन्हें 288 गैटलिंग के नाम से जाना जाता है) बरामद किए गए, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये है। घोषित माल वाली पहली तीन पंक्तियों को छोड़कर, कंटेनर मुख्य रूप से पटाखों से भरा हुआ पाया गया। घोषित किए गए कवर कार्गो सहित पटाखों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त किया गया।
विदेशी व्यापार नीति के अंतर्गत पटाखों का आयात ‘प्रतिबंधित’ है और इसके लिए डीजीएफटी से वैध प्राधिकरण और विस्फोटक नियम, 2008 के तहत पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) से आवश्यक लाइसेंस की जरूरत होती है।
जांच के दौरान, उक्त माल की गुप्त रूप से निकासी की योजना बनाने और प्रयास करने वाले गिरोह के प्रमुख सदस्य को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है।
यह अभियान वाणिज्यिक कार्गो चैनलों के जरिए प्रतिबंधित वस्तुओं की गलत घोषणा और गुप्त आयात का पता लगाने पर डीआरआई के निरंतर ध्यान को रेखांकित करता है।
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