भारत

विदेश मंत्री डॉ जयशंकर ने वर्तमान संघर्षों के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आह्वान किया

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दुनिया के विभिन्‍न हिस्‍सों में चल रहे संघर्षों के दुष्परिणामों से निपटने के लिए लचीली और विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं, निरंतर राजनयिक प्रयासों और अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है। फिनलैंड में आयोजित कुलतारंता वार्ता में “उभरती शक्तियां और नई भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा” विषय पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि संघर्षों का प्रभाव उन क्षेत्रों से भी आगे बढ़ता है जहां वे घटित होते हैं।

उन्होंने कहा कि इस बात पर व्यापक सहमति है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संघर्षों के परिणामों को कम करने और कूटनीति के अनुकूल परिस्थितियां बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए। ऊर्जा सुरक्षा के विषय पर डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत के ऊर्जा संबंधी निर्णय राष्ट्रीय हित से प्रेरित हैं और खरीद सामर्थ्य और उपलब्धता को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की विदेश नीति खाड़ी क्षेत्र की केंद्रीय भूमिका मजबूत जन-संबंधों, ऊर्जा सहयोग और बढ़ते रणनीतिक एवं रक्षा सहयोग पर आधारित है। भारत-यूरोप संबंधों में मजबूती का उल्‍लेख करते हुए, डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ ने इस वर्ष मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी की, एक रणनीतिक और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर किए और एक व्यापक गतिशीलता सहयोग प्रणाली तैयार की। उन्होंने कहा कि ये घटनाक्रम संबंधों की निरंतर प्रगाढ़ता को दर्शाते हैं।

इससे पहले कल, डॉ. जयशंकर अपने दो देशों के दौरे के अंतिम चरण में कुलतारंता वार्ता में भाग लेने के लिए बुल्गारिया से फिनलैंड पहुंचे। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब द्वारा आयोजित इस वार्षिक वार्ता में वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ नेता और नीति निर्माता एक साथ आते हैं।

विदेश मंत्री और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने बदलती भू-राजनीतिक स्थिति पर विचार-विमर्श किया और तेजी से अनिश्चित होते वैश्विक वातावरण में कूटनीति के महत्व पर जोर दिया। उनकी मुलाकात फिनलैंड में कुलतारंता वार्ता के दौरान हुई। एक सोशल मीडिया पोस्ट में मंत्री ने कहा कि भारत और फिनलैंड रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और साथ ही साझा हितों के मुद्दों पर बहुपक्षीय मंचों में समन्वय मजबूत कर रहे हैं।

वार्ता के दौरान, डॉ. जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात की सहायक विदेश मंत्री लाना नुसेबेह से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति का जायजा लिया और आपसी हित के क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।

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