विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रहमण्यम जयशंकर फ्रांस और लक्ज़मबर्ग की यात्रा संपन्न कर स्वदेश लौट आए हैं। यह यात्रा यूरोप के साथ भारत के बढते संपर्क को दर्शाती है। विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा कि इस यात्रा के दौरान डॉक्टर जयशंकर ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और विदेश मंत्री जीन नोएल बैरोट के साथ मुलाकात की। भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष को देखते हुए, बैठक में नवाचार और प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप्स, स्वास्थ्य, शिक्षा और मोबिलिटी के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों के बीच रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, असैन्य परमाणु और समुद्री सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वैश्विक घटनाक्रम पर भी विमर्श हुआ। डॉक्टर जयशंकर ने 31वें फ्रेंच एम्बेसडर कॉन्फ्रेंस में कहा कि तेज़ी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में रणनीतिक स्वायत्तता महत्वपूर्ण होगी। डॉक्टर जयशंकर अतिथि के रूप में शामिल होने वाले यूरोप से बाहर के पहले विदेश मंत्री हैं। डॉक्टर जयशंकर प्रथम भारत-वीमर विदेश मंत्री बैठक में भी शामिल हुए। इस बैठक में फ्रांस, जर्मनी और पोलैंड के विदेश मंत्री भी उपस्थित थे।
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