विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भूटान के विकास संबंधी लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के लिए भारत के सहयोग की पुष्टि की
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भूटान के विकास संबंधी लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के लिए भारत के सहयोग की पुष्टि की है। भूटान यात्रा के दौरान डॉ. जयशंकर ने भूटान के विदेश मंत्री लिन्पो डी.एल. धुंगयल के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी आयामों तथा आपसी महत्व के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने भारत-भूटान साझेदारी को सुदृढ़ करने में हुई प्रगति की सराहना की।
डॉ. एस. जयशंकर और लिन्पो डी.एल. धुंगयल ने कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें मोंगार में 65 बिस्तरों वाला ग्याल्त्सुएन जेत्सुन पेमा मदर एंड चाइल्ड अस्पताल, समद्रुप जोंगखार-त्राशिगांग राजमार्ग पर जगन्नाथन पुल और भूटान के बुमथांग स्थित राष्ट्रीय पशु प्रजनन केंद्र को भारत से 43 जर्सी गायों को दिया जाना शामिल है। भारत ने भूटान सरकार को 54 इलेक्ट्रिक वाहन भी सौंपे। दोनों मंत्रियों ने 500 किलोवाट की लुनाना पनबिजली परियोजना की आधारशिला भी रखी।
बैठक में दोनों पक्षों ने मार्च 2024 में हुए ऊर्जा साझेदारी पर संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन पर संतोष व्यक्त किया। दोनों देशों ने ऊर्जा सहयोग में हाल की प्रगति का भी उल्लेख किया। इसमें भूटान की पनबिजली परियोजनाओं में भारतीय कंपनियों की सक्रिय भागीदारी का भी स्वागत किया और कहा कि इससे दोनों देशों के मौजूदा ऊर्जा सहयोग को और गति मिली है। श्री जयशंकर और श्री धुंगयल ने यूपीआई आधारित सुविधा के चालू होने का स्वागत किया। इससे भूटान के नागरिक भूटान के मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए भारत में डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। अंकित कुमार की रिपोर्ट के साथ समाचार कक्ष से प्रियंका अरोड़ा।





