विदेश मंत्री डॉ0 सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने अमरीका में अवैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों को वापस भेजे जाने के मुद्दे पर आज राज्यसभा में बयान दिया।
राज्यसभा में डॉ एस जयशंकर ने कहा कि भारतीयो को अमरीका से भेजे जाने की प्रक्रिया कोई नई बात नही है। इससे पहले भी लोग वापस भेजे जाते रहे हैं। यह एक सामान्य प्रक्रिया है जिसे अंतराष्ट्रीय कानून के अंतर्गत किया गया है। इसे भारत के विरूद्ध कार्रवाई नही समझा जाना चाहिए। डॉ जयशंकर ने कहा कि वर्ष 2009 में 734 लोगों, और 2024 में एक हजार 368 लोगों को वापस भेजा गया था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अमरीकी प्रशासन के सम्पर्क मे है और इसको सुनिश्चित किया जा रहा है भारतीयों नागरिकों के साथ किसी प्रकार का दुव्यवहार न हो।
पहले, अमरीका से भारतीय नागरिकों को वापस भेजे जाने के मुद्दे पर विपक्षी दलों के विरोध के कारण लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। सदन की कार्यवाही 12 बजे फिर से शुरू होने के बाद विपक्षी दलों ने नारेबाजी शुरू कर दी और विरोध जारी रखा। ये सदस्य सदन के बीचों-बीच पहुंच गए और इस मुद्दे पर बहस की मांग करने लगे। हंगामा जारी रहने के कारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसदों ने आज अमरीका से भारतीय नागरिकों को वापस भेजे जाने के मुद्दे पर संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि ये प्रदर्शन अमरीका द्वारा भारतीयों को वापस भेजे जाने के तरीके के विरोध में है। उन्होंने कहा कि अमरीका के पास अपने देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों को वापस भेजने का कानूनी अधिकार है, लेकिन जिस तरह से यह किया गया वह स्वीकार्य नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि निर्वाचन आयोग के फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गी पाह्मलां के बीच आज नई दिल्ली में…
प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार करते हुए, 32 महीने…
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने आज डिब्रूगढ़ के बोगीबील टर्मिनल…
इटली के अखबार कोरिएरे देल्ला सेरा की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई विमान के ओमानी सह-पायलट…
उत्तर प्रदेश में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच लखनऊ जिला प्रशासन ने राहत…