विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने आतंकवाद, आर्थिक अस्थिरता और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया है। उन्होंने कहा कि ये चुनौतियाँ आपस में जुड़ी हैं और राष्ट्रीय सीमाओं से परे हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के प्रतिस्पर्धी पहलुओं से आगे बढ़कर अधिक सहयोग का दृष्टिकोण अपनाने पर ज़ोर दिया। डॉ. जयशंकर ने नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र शांति सेनेा के लिये सैनिकों के योगदानकर्ता देशों के प्रमुखों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
भारत ने सभी समाजों और लोगों के लिए न्याय, सम्मान, अवसर और समृद्धि की हमेशा वकालत की है। यही कारण है कि हम बहुपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों में अपना विश्वास रखते हैं।
नागरिकों के लिए जीवन को आसान बनाने को बढ़ावा देते हुए और दिव्यांगजनों के लिए…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली स्थित डीआरडीओ भवन में…
भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का उन्नत सुविधाओं से युक्त स्टील्थ फ्रिगेट जहाज तरकश अपनी…
जापान एशियाई खेलों में भारत पाकिस्तान को हराकर हॉकी के फाइनल में पहुंचा। आखिरी मिनट…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में संघ लोक सेवा आयोग…
अफ़गानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांतों में पाकिस्तान के हवाई हमलों में महिलाओं और बच्चों…