विदेश मंत्री डॉ.एस जयशंकर ने कहा है कि पोलैंड को आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करना चाहिए और भारत के पड़ोसी देशों में आतंकी ढांचे को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्वॉफ् शिकोर्स्की के साथ आज नई दिल्ली में बैठक के दौरान डॉ. जयशंकर ने कहा कि पोलैंड के लिए भारतीय क्षेत्र अंजान नहीं है और वह सीमापार आतंकवाद की दीर्घकालीन चुनौती से भलीभांति परिचित है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता में क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा होगी।
डॉ.जयशंकर ने कहा कि हाल के समय में अमरीका और फ्रांस में उन्होंने यूक्रेन संघर्ष और उसके प्रभावों के बारे में भारत का दृष्टिकोण साझा किया था।
पिछले वर्ष न्यूयॉर्क में और इस वर्ष जनवरी मे पेरिस में, हमने यूक्रेन संघर्ष और इसके प्रभावों पर खुलकर अपने विचार साझा किए हैं। हमने बार-बार इस बात पर बल दिया है कि भारत को चुनिंदा रूप से निशाना बनाना अनुचित और अन्यायपूर्ण है। और मैं आज फिर से इसे दोहरा रहा हूं।
डॉ.जयशंकर ने कहा कि मध्य यूरोप में पोलैंड भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार सात अरब डॉलर है, जिसमें पिछले एक दशक में लगभग दो सौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया है कि पोलैंड में भारतीय निवेश तीन अरब डॉलर से अधिक हो गया है जिससे पोलैंड में रोजगार के कई अवसर सृजित हुए हैं। डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, उसके बाजार का आकार और निवेश केंद्रित नीतियां पोलैंड के कारोबारियों के लिए बड़े अवसर उपलब्ध कराती है।
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