निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और 6 राज्यों में उपचुनावों के लिए 1,111 पर्यवेक्षक तैनात किये हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विधानसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित करते हुए कहा था कि चुनाव-हिंसा और प्रलोभन मुक्त कराए जाएं ताकि प्रत्येक मतदाता बिना किसी भय या पक्षपात के अपना वोट डाल सके। इसे सुनिश्चित करने में पर्यवेक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आयोग ने पर्यवेक्षकों को कल 18 मार्च, 2026 तक संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
पर्यवेक्षक पहुंचने पर अपने संपर्क विवरण सार्वजनिक करेंगे और उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों या उनके प्रतिनिधियों या जनता के किसी भी सदस्य के उनसे मिलने और चुनाव संबंधी उनकी शिकायतें सुनने के लिए प्रतिदिन एक निश्चित समय निर्धारित करेंगे।
संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने में सहायता के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करता है। वे जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया के कुशल और प्रभावी प्रबंधन की भी निगरानी करते हैं।
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