इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन ने कहा है कि देश का पहला चालकरहित गगनयान परीक्षण उड़ान मिशन जी-वन का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और वे इसे दिसंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च करने के लिए तैयार हैं। कल बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत में डॉ. नारायणन ने कहा कि चालक के साथ एस्केप सिस्टम, पैराशूट मॉड्यूल, संचार प्रणाली और अन्य उप-प्रणालियों पर परीक्षण सफल रहे हैं।
व्योममित्र ह्यूमनॉइड दिसंबर में पृथ्वी की निचली कक्षा में चालक रहित गगनयान मिशन में जाएगा। गगनयान का अंतिम चालकयुक्त मिशन वर्ष 2027 के लिए निर्धारित है जिसमें तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्री बाहरी अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे और वापस लाए जाएंगे।
डॉ. नारायणन ने कहा कि सात उपग्रहों के समूह के साथ नैविक नेविगेशन सैटेलाइट 2027 तक तैयार हो जाएगा।
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