भारत

धनतेरस के साथ आज से हुई पांच दिवसीय दीपोत्‍सव की शुरूआत

आज धनवन्‍तरि जयंती है। इसे धनतेरस के रूप में भी मनाया जाता है। धन की देवी लक्ष्‍मी की पूजा और पांच दिन तक चलने वाला दीपोत्‍सव आज से ही आरंभ हो जाता है। प्राचीन मान्‍यताओं के अनुसार धनतेरस पर सोना, चांदी, पीतल और तांबे के बर्तन खरीदने की प्रथा है।

धनवन्‍तरि को आयुर्वेद का जनक माना जाता है। आज ही नौंवा आयुर्वेद दिवस भी मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्‍य अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर भारतीय प्राचीन चिकित्‍सा पद्धति को पुनर्जीवित करना है। भारतीय आयुर्वेदिक उत्‍पादों का निर्यात विश्‍व के अनेक देशों में होता है। कई देश इस वर्ष आयुर्वेद दिवस मना रहे हैं। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने योग और प्राकृतिक चिकित्सा के लिए एक विशेष कोड भी बनाया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनतेरस और आयुर्वेद दिवस पर शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कामना की कि भगवान धन्वंतरि के आशीर्वाद से सभी का जीवन स्वास्थ्य, खुशहाली और समृद्धि से सम्‍पन्‍न रहे। आयुर्वेद दिवस पर उन्‍होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए आयुर्वेद हमेशा उपयोगी रहेगा।

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