उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति और खराब हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ बाढ़ग्रस्त क्षेत्र पीलीभीत और लखीमपुर खीरी जिलों का दौरा करेंगे।
पीलीभीत-टनकपुर और पीलीभीत मैलानी रूट पर आज लगातार तीसरे दिन भी ट्रेनों का आवागमन बहाल नहीं हो सका है। शहर में जल भराव के कारण आज भी स्कूल बंद रखे गए हैं। पीलीभीत से दूसरे जिलों की ओर जाने वाली कई सड़कें पानी में डूबी हुई हैं और यातायात पूरी तरह प्रभावित है। पांच ग्रामीणों को कल वायु सेना की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा और पानी से भरे इलाकों में तमाम लोगों ने छतों पर शरण ले रखी है।
जिले में एक लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में गंगा, कुआनो, घाघरा, राप्ती और शारदा नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से संत कबीर नगर, देवरिया, बाराबंकी, अयोध्या, फर्रुखाबाद और शाहजहाँपुर जैसे अन्य जिलों पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों में 24 घंटे बचाव और राहत अभियान चला रही है। पहली बार राहत एवं बचाव कार्य के लिए संपूर्ण नेपाल सीमा पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं पीएसी फ्लड बटालियन की तीन स्तरीय तैनाती की गई है।
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