शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान निकाय भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कहा है कि पैकेट बंद सामान पर खाद्य लेबल भ्रामक हो सकता है। इसने जोर दिया कि उपभोक्ताओं को सामान खरीदते वक्त स्वस्थ विकल्प के लिए उस पर लिखी जानकारी को सावधानीपूर्वक पढ़ना चाहिए।
ICMR ने यह भी कहा कि ‘शुगर-फ्री’ होने का दावा करने वाले खाद्य पदार्थ वसा से भरे हो सकते हैं जबकि डिब्बाबंद फलों के रस में फल का केवल 10 फीसदी तत्व ही हो सकता है। हाल ही में जारी किए आहार संबंधी दिशा निर्देशों में आईसीएमआर ने कहा कि पैकेट वाले खाद्य पदार्थ पर स्वास्थ्य संबंधी दावे उपभोक्ता का ध्यान आकर्षित करने के लिए और उन्हें इस बात पर राजी करने के लिए किए जा सकते हैं कि यह उत्पाद सेहत के लिहाज से अच्छा है।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर आज पश्चिम एशिया…
केंद्रीय रसायन और उर्वरक तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा ने आज…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज छत्तीसगढ़ के रायपुर में नुआखाई महोत्सव के अवसर पर आयोजित ‘सेवा…
भारत ने सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा संबंधी बुनियादी ढांचों पर लगातार हो रहे…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित लोक भवन में पूज्य माता साहिब…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में पोलैंड के प्रधानमंत्री डॉनल्ड टस्क के साथ…