विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बृहस्पतिवार को यहां अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की और बीजिंग के साथ द्विपक्षीय संबंधों में ‘‘स्थायित्व लाने’’ और ‘‘पुनर्बहाली’’ के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तथा पिछले समझौतों का ‘‘पूर्ण सम्मान’’ सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
यह जयशंकर और वांग की इस महीने दूसरी मुलाकात थी। दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) की बैठकों में भाग लेने के लिए लाओस की राजधानी में मौजूद दोनों नेताओं ने मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बाद सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मजबूत मार्गदर्शन देने की आवश्यकता पर भी सहमति व्यक्त की।
जयशंकर ने यहां आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान वांग से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘सीपीसी (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना) पोलित ब्यूरो सदस्य और (चीन के) विदेश मंत्री वांग यी से आज वियनतियान में मुलाकात की। हमारे द्विपक्षीय संबंधों को लेकर चर्चा जारी रही। सीमा की स्थिति निश्चित रूप से हमारे संबंधों की स्थिति पर प्रतिबिंबित होगी।’’
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बैठक ने दोनों मंत्रियों को चार जुलाई को अस्ताना में अपनी पिछली बैठक के बाद से स्थिति की समीक्षा करने का अवसर दिया। मंत्रालय ने कहा, ‘‘उनकी बातचीत द्विपक्षीय संबंधों में स्थायित्व लाने और पुनर्बहाली के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से संबंधित शेष मुद्दों का शीघ्र समाधान खोजने पर केंद्रित थी।’’ इसने कहा, ‘‘दोनों मंत्री जल्द से जल्द सैनिकों की पूर्ण वापसी के लिए उद्देश्य और तत्परता के साथ काम करने की आवश्यकता पर सहमत हुए। सीमाओं पर शांति तथा एलएसी के प्रति सम्मान द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति के लिए आवश्यक है।’’
आज एक नवंबर से देश में वित्तीय, टैक्स और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव…
अमरीका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों की कल अमरीका के अटलांटा में बैठक…
दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए आज से शीतकालीन कार्ययोजना लागू हो…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं…
केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 को राज्य सरकारों को 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त…
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से आतंकवाद के खतरे पर लगातार ध्यान देने की…