विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा कि खालिस्तानी अलगाववादी तत्वों को राजनीतिक प्रश्रय देकर कनाडा सरकार यह संदेश दे रही है कि उसका वोट बैंक उसके कानून के शासन से “अधिक शक्तिशाली” है।
डॉ जयशंकर ने कहा कि भारत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान और पालन करता है, लेकिन इसका मतलब विदेशी राजनयिकों को धमकाने, अलगाववाद को समर्थन देने या हिंसा की वकालत करने वाले तत्वों को राजनीतिक प्रश्रय देने की स्वतंत्रता नहीं है।
पंजाब के सिख प्रवासियों के बीच खालिस्तान समर्थकों का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले लोगों को कनाडा में प्रवेश करने और रहने की अनुमति कैसे दी जा रही है।
भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात…
केंद्र सरकार ने असम में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग के अप्रतिबंधित…
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं।…
अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी गैस- एडीएनओसी गैस और इसकी सहायक कंपनियों ने हिन्दुस्तान पेट्रोलियम…
भारत ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन(WIF) के तत्वावधान…
खेलो इंडिया गेम्स के शीतकालीन सत्र का छठा संस्करण आज से लद्दाख के लेह शहर…