फ्रांस का परमाणु चालित विमानवाहक चार्ल्स डी गॉल नौसैनिक अभ्यास वरुण के लिए कल गोवा पहुंचा। इस 42वें वार्षिक अभ्यास में फ्रांस की ओर से युद्धक विमान राफेल की भी भागीदारी होगी। पश्चिमी कमान के अनुसार, इस अभ्यास से दोनों देशों की नौसेना के बीच मिलकर काम करने की समझ मजबूत होगी।
फ्रांस वर्ष 2008 से ही हिंद-प्रशांत नौसैनिक सिम्पोजियम का सदस्य है। इस संगठन की पहल भारत ने ही की थी और इसमें 25 देशों की नौसेना शामिल है। इसका उद्देश्य तस्करी, अवैध रूप से मछली पकड़ने, समुद्र में तलाशी और बचाव अभियान तथा प्रदूषण से निपटने के लिए मिलकर काम करना है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज गंगटोक में सिक्किम विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं।…
असम विधानसभा ने "असम समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026" पारित किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत…
भारत के उद्योग 4.0 इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने और स्वदेशी औद्योगिक डिजिटल परिवर्तन को गति…
भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी 2026 को एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर पारस्परिक और…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2025-26 के लिए प्रमुख कृषि फसलों के…
आईपीएल क्रिकेट में आज मोहाली के न्यू चंडीगढ़ में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के…