फ्रांस की संसद ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक विधेयक पारित कर दिया है। संसद के दोनो सदनों में सांसदो ने इस विधेयक के समर्थन में वोट दिया। इसके तहत स्कूल में विद्यार्थियों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगायी गयी है। इस फैसले से फ्रांस सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने वाला यूरोपीय संघ का पहला देश बन जायेगा।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने संसद की मंजूरी को महत्वपूर्ण कदम बताया है। यह फैसला उनके दूसरे कार्यकाल की बड़ी पहल है। वे सितंबर में विद्यालयों का नये शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले इसे लागू करना चाहते हैं। हालांकि इसके फ्रांस के संविधान के अनुपालन में होने की समीक्षा के कारण इसे लागू करने में विलंब हो सकता है।
बच्चों पर डिजिटल सामग्री के हानिकर असर को लेकर पूरी दुनिया में चिंता बढ़ती जा रही है। विश्व के अनेक देश सोशल मीडिया तक पंहुच रोकने के प्रयास में लगे हैं।
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