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सरकार ने हरित हाइड्रोजन यौगिकों के व्यापार में तेजी लाने के उद्देश्य से भारत के लिए हरित अमोनिया और हरित मीथेनॉल मानकों की घोषणा की

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारत सरकार ने 27 फरवरी, 2026 को भारत के लिए ‘हरित अमोनिया’ और ‘हरित मेथेनॉल’ के मानकों को अधिसूचित किया है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी इन मानकों में उत्सर्जन सीमा और योग्यता शर्तों का जिक्र किया गया है। इनका पालन करने पर ही अमोनिया और मीथेनॉल को हरित यानी नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हरित हाइड्रोजन के इस्तेमाल से उत्पादित का दर्जा मिल सकेगा।

इंडिया ग्रीन अमोनिया के लिए हरित अमोनिया मानक के अनुसार हरित हाइड्रोजन उत्पादन, अमोनिया संश्लेषण, परिशोधन, संपीड़न और उत्पादन स्थल पर भंडारण से पैदा कुल गैर जैवजनित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 0.38 किलोग्राम कार्बन डायऑक्साइड समतुल्य प्रति किलोग्राम अमोनिया (kg CO2 eq/kg NH3) होगा जिसका गणन पूर्ववर्ती 12 महीनों की अवधि के औसत के रूप में किया जाएगा।

इंडिया ग्रीन मेथेनॉल के लिए हरित मेथेनॉल मानक के अनुसार हरित हाइड्रोजन उत्पादन, मेथेनॉल संश्लेषण, परिशोधन, संपीड़न और उत्पादन स्थल पर भंडारण से पैदा कुल गैर जैवजनित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 0.44 किलोग्राम कार्बन डायऑक्साइड समतुल्य प्रति किलोग्राम मेथेनॉल (kg CO₂ eq/kg CH₃OH) होगा जिसका गणन पूर्ववर्ती 12 महीनों की अवधि के औसत के रूप में किया जाएगा।

अधिसूचना में आगे यह प्रावधान है कि हरित मेथेनॉल उत्पादन के लिए कार्बन डाइऑक्साइड को बायोजेनिक स्रोतों या मौजूदा औद्योगिक स्रोतों से प्राप्त किया जा सकता है। मंत्रालय समय-समय पर कार्बन डाइऑक्साइड के उपयुक्त स्रोतों में संशोधन कर सकता है। ऐसे संशोधन भविष्य की परियोजनाओं पर लागू होंगे और साथ ही इसमें पुराने नियमों के तहत छूट या विशेष रियायत दी जा सकेगी।

हरित अमोनिया और हरित मेथेनॉल उत्पादन की प्रक्रिया में, अक्षय ऊर्जा में वह बिजली भी शामिल है जो नवीकरणीय स्रोतों से उत्पन्न की गई है और जिसे लागू नियमों के अनुसार ऊर्जा भंडारण प्रणाली में जमा किया गया है या ग्रिड के साथ जोड़ा गया है।

अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि हरित अमोनिया और हरित मेथेनॉल के मापन, रिपोर्टिंग, निगरानी, उत्पादन स्थल पर सत्यापन और प्रमाणन के लिए विस्तृत कार्यप्रणाली नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा अलग से जारी की जाएगी।

अधिसूचना की तिथि से पहले जारी की गई कोई भी निविदा, बोली प्रक्रिया या अनुरोध अपनी जारी करने की तिथि पर लागू नियमों और शर्तों द्वारा शासित होती रह सकती है; हालाँकि, खरीद करने वाली संस्था, जहाँ संभव हो और पक्षों की आपसी सहमति से, ऐसी निविदा को इस अधिसूचना के प्रावधानों के अनुरूप जारी रख सकती है।

हरित अमोनिया और हरित मेथेनॉल मानकों की ये अधिसूचनाएं उद्योग, निवेशकों और हरित हाइड्रोजन यौगिकों के विकास में लगे अन्य हितधारकों के लिए स्पष्टता लाएंगी। ये मानक उर्वरक, शिपिंग, बिजली और भारी उद्योगों जैसे क्षेत्रों के कार्बन उत्सर्जन को कम करने की प्रक्रिया को सुगम बनाएंगे, साथ ही हरित ईंधन के एक विश्वसनीय उत्पादक और निर्यातक के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करेंगे।

भारतीय ग्रीन हाइड्रोजन विकासकर्ता हरित अमोनिया और हरित मेथेनॉल के लिए निर्यात बाजारों को लक्षित कर रहे हैं। इस अधिसूचना के साथ, भारत राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत हरित हाइड्रोजन और इसके यौगिकों के लिए अपने विनियामक ढांचे को और अधिक मजबूत बना रहा है।

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