insamachar

आज की ताजा खबर

government has extended the operational period of the relief initiative to support exporters amidst logistics-related disruptions in West Asia
बिज़नेस

पश्चिम एशिया में लॉजिस्टिक्स संबंधी व्यवधानों के बीच निर्यातकों को सहायता प्रदान करने के लिए सरकार ने रिलीफ पहल की परिचालन अवधि बढ़ाई

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक व्यवधानों तथा खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में समुद्री लॉजिस्टिक्स पर इसके प्रभाव को देखते हुए, वाणिज्य विभाग ने 30 सितम्‍बर 2026 की अधिसूचना संख्या 37/2026-27 के माध्यम से रिलीफ – रेजीलिएंस एंड लॉलिस्टिक्‍स इंटरवेंशन फॉर एक्‍सपोर्ट फेसिलिटेशन के घटक-II के तहत निर्धारित समय-सीमा को बढ़ा दिया है। रिलीफ, निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के तहत एक समयबद्ध पहल है।

रिलीफ योजना का घटक-II निर्यातकों को निर्दिष्ट क्षेत्रों के लिए आगामी शिपमेंट हेतु ईसीजीसी कवर प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिसमें 95 प्रतिशत जोखिम कवरेज प्रदान किया जाता है। यह घटक 16 मार्च 2026 या उसके बाद प्राप्त की गई स्टैंडअलोन पॉलिसियों या संपूर्ण टर्नओवर पॉलिसियों के लिए उपलब्ध है। इस लाभ के तहत कवर किए जाने वाले कार्गो के प्रकारों में फुल कंटेनर लोड (एफसीएल), लेस दैन कंटेनर लोड (एलसीएल) और रीफर कंटेनर शामिल हैं (ऊर्जा शिपमेंट को छोड़कर)। इसके अतिरिक्त, रिलीफ का यह घटक सुनिश्चित करता है कि पात्र अवधि के लिए निर्यातकों द्वारा भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम में व्यवधान से पहले के स्तर की तुलना में वृद्धि नहीं की जाएगी।

रिलीफ को 19 मार्च 2026 को एक लक्षित पहल के रूप में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य खाड़ी और व्यापक पश्चिम एशिया समुद्री गलियारे में व्यवधानों के कारण असाधारण रूप से बढ़ी माल ढुलाई लागत, बढ़े हुए बीमा प्रीमियम और युद्ध-संबंधी निर्यात जोखिमों से प्रभावित भारतीय निर्यातकों को सहायता प्रदान करना था।

उपरोक्त समय-सीमा विस्तार भारत सरकार की निर्यात क्षेत्र में लचीलापन सुनिश्चित करने, व्यापार प्रवाह को बनाए रखने और मौजूदा भू-राजनीतिक एवं लॉजिस्टिक्स संबंधी अनिश्चितताओं के बीच निर्यातकों को सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

LEAVE A RESPONSE

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *