सरकार ने 10,372 करोड़ रुपये के भारत एआई मिशन के तहत क्लाउड पर कृत्रिम मेधा (एआई) सेवाएं देने वाली संस्थाओं को शामिल करने के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। इस योजना को इस साल मार्च में मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। डेटा सेंटर और क्लाउड सेवा प्रदाताओं जैसी सूचीबद्ध एजेंसियों को शिक्षाविदों, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं, सरकारी निकायों आदि को ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू), एक्सेलेरेटर, टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट (टीपीयू), स्टोरेज जैसे उच्च गति वाले कंप्यूटिंग एआई अवसंरचना उपलब्ध करानी होगी। बोली प्रक्रिया के जरिए सबसे कम दर पर उक्त सेवाओं की पेशकश करने वालों को खोजा जाएगा।
भारत एआई मिशन के तहत एआई पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए विभिन्न हितधारकों को 10,000 से अधिक जीपीयू वाली सुपरकंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराई जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ”सेवा प्रदाताओं को सूचीबद्ध करने के लिए डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के तहत इंडियाएआई ने एक आरएफई (सूचीबद्ध करने के लिए अनुरोध) जारी किया है।”
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