सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल के लिए अप्रत्याशित लाभ कर को घटाकर शून्य प्रति टन कर दिया है। कर की नयी दर 18 सितंबर यानी आज से प्रभावी हो गईं। कर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) के रूप में लगाया जाता है।
दो सप्ताह में औसत तेल की कीमतों के आधार पर हर पखवाड़े इसे अधिसूचित किया जाता है। इससे पहले, संशोधन 31 अगस्त से प्रभावी हुआ था। उस समय कच्चे पेट्रोलियम पर अप्रत्याशित लाभ कर 1,850 रुपये प्रति टन निर्धारित किया गया था। मंगलवार को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, डीजल, पेट्रोल और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को शून्य कर दिया गया है।
नई दरें 18 सितंबर से प्रभावी होंगी। देश में पहली बार एक जुलाई 2022 को अप्रत्याशित लाभ पर कर लगाया था। इस कदम के साथ ही भारत उन देशों की सूची में शामिल हो गया था जो ऊर्जा कंपनियों को अप्रत्याशित रूप से होने वाले लाभ पर कर लगाते हैं।
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