गुजराती समुदाय विश्व भर में आज अपना नव वर्ष मना रहा है। गुजरात में नव वर्ष विक्रम सम्वत के कार्तिक मास के पहले दिन मनाया जाता है। गुजराती नव वर्ष बेसतू वर्ष के रूप में भी लोकप्रिय है और यह पूरे राज्य में परम्परागत उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।
गुजराती लोग हिंदू कैलेंडर विक्रम संवत के कार्तिक महीने के पहले दिन को नए साल के रूप में मनाते हैं। नए साल के अवसर पर, जिससे बेसतू वर्ष के रूप में जाना जाता है। पारंपरिक रूप से लोग नए साल पर भगवान से आशीर्वाद लेने के लिए मंदिरों में जाते हैं। लोग सुबह अपने घरों की सफाई करते हैं और नए वर्ष के अवसर पर मेहमानों के स्वागत के लिए प्रवेश द्वार पर रंगोली से सजावट करते हैं। व्यापारी और व्यावसायिक लोग अपने व्यवसाय के स्थानों पर पूजा करते हैं और अगले पांच दिनों के लिए अपनी दुकानें बंद रखते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजराती नववर्ष के अवसर पर शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट में श्री मोदी ने कामना की कि यह नववर्ष लोगों के जीवन में खुशियां, सफलता और समृद्धि लेकर आए।
भारत ने प्रतिबंधित आतंकी गुट और उसके सदस्यों के समर्थन में पाकिस्तान की ओर से…
सरकार ने आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में पश्चिम एशिया की स्थिति पर…
आदिवासी कारीगरों को सशक्त बनाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की कार्रवाई को सुदृढ़ करने…
भारतीय पारंपरिक लोक और आदिवासी संगीत को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने और उसे व्यापक…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) से संबंधित विचार-विमर्श…