हमास ने कहा है कि गजा पट्टी में स्थायी युद्धविराम के लिए किसी भी समझौते या विचार के प्रति उसके विकल्प खुले हैं। कल हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि समझौतों या विचारों में गज़ा पट्टी से इस्रायली सेना की वापसी, नाकाबंदी हटाना, राहत, सहायता और आश्रय के प्रावधान सहित कैदियों की अदला-बदली का समझौता भी शामिल होना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी ने रविवार को फिलिस्तीनी कैदियों के बदले चार इजरायली बंधकों को छोड़ने के लिए गज़ा में दो दिन के युद्धविराम प्रस्ताव की घोषणा की थी। इसके लिए पिछले कुछ महीनों में दोहा और काहिरा में कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं लेकिन संघर्ष को समाप्त करने के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
इस बीच, अमरीका ने कहा है कि वह इस्राइल में उस कानून को लेकर बेहद चिंतित है जो फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा चलाए जा रहे अभियानो के संचालन पर प्रतिबंध लगाएगा। अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा है कि फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी ने वेस्ट बैंक और पश्चिम एशियाई क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वहीं, लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल–यूएनआईएफआईएल ने एक बयान में कहा है कि लेबनान के दक्षिण-पश्चिम में नकौरा में यूएनआईएफआईएल के मुख्यालय पर एक रॉकेट गिरने से शांति सैनिक घायल हो गए। हाल ही में, दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सेना और हिज़्बुल्लाह के बीच जारी तनाव के दौरान यूएनआईएफआईएल के पाँच सैनिक घायल हो गए।
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