स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सर्पदंश के मामलों और उससे होने वाली मौतों को राज्य लोक स्वास्थ्य अधिनियम और अन्य प्रावधानों के तहत ‘अधिसूचित रोग’ की श्रेणी में रखने को कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर, इस बात पर जोर दिया है कि सर्पदंश गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने बताया कि सर्पदंश की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के तहत 2030 तक सर्पदंश से होने वाली मौतों को आधा करने का लक्ष्य रखा गया है। सुश्री श्रीवास्तव ने कहा है कि सर्पदंश की घटनाओं का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए एक मजबूत निगरानी प्रणाली की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की घटनाओं की निगरानी के लिए यह जरूरी है कि इस तरह की सभी घटनाओं को दर्ज किया जाए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बारबाडोस के चुनावों में मिया अमोर मोटली को उनकी ऐतिहासिक लगातार…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में बीएनपी को निर्णायक जीत दिलाने पर…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 फरवरी, 2026 को असम का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10:30…
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने फिडेलिटी फंड्स द्वारा वैल्यूड्राइव टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड में 6.63% अल्पांश…
ICC टी-ट्वेंटी विश्व कप में कल रात ग्रुप-ए के मैच में भारत ने नामीबिया को…
बांग्लादेश में मतगणना जारी है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी 13वें राष्ट्रीय चुनाव में निर्णायक जीत की…