रक्षा मंत्रालय ने आज आईएनएस विक्रमादित्य के शॉर्ट रिफिट और ड्राई डॉकिंग (एसआरडीडी) के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के साथ 1207.5करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
भारतीय विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य को नवंबर 2013में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। नौ-सैनिक सुसज्जा के बादआईएनएस विक्रमादित्य उन्नत युद्धक क्षमता के साथ भारतीय नौसेना के सक्रिय बेड़े में शामिल हो जाएगा।
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड को रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) केंद्र के रूप में विकसित करभारत के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना में लगभग 50सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की भागीदारी होगी और इससे 3500से अधिक कर्मियों के लिए रोजगार सृजन होगा।
यह परियोजना भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल को भी बढ़ावा देगी।
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