हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने आज छह मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति को रद्द कर दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश संसदीय सचिव (नियुक्ति, वेतन, भत्ता, शक्तियां, विशेषाधिकार और संशोधन) अधिनियम, 2006 को भी निरस्त कर दिया जिसके तहत ये नियुक्तियां की गईं थीं। न्यायाधीश विवेक ठाकुर और बी सी नेगी की खंडपीठ ने यह भी निर्देश दिया कि मुख्य संसदीय सचिवों को दी गईं सभी सुविधाएं और विशेषाधिकार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए जाएं। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष जनवरी में छह मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी। इस बीच, महाधिवक्ता अनूप रत्न ने कहा कि सरकार इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देगी।
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