हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने आज छह मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति को रद्द कर दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश संसदीय सचिव (नियुक्ति, वेतन, भत्ता, शक्तियां, विशेषाधिकार और संशोधन) अधिनियम, 2006 को भी निरस्त कर दिया जिसके तहत ये नियुक्तियां की गईं थीं। न्यायाधीश विवेक ठाकुर और बी सी नेगी की खंडपीठ ने यह भी निर्देश दिया कि मुख्य संसदीय सचिवों को दी गईं सभी सुविधाएं और विशेषाधिकार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए जाएं। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष जनवरी में छह मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी। इस बीच, महाधिवक्ता अनूप रत्न ने कहा कि सरकार इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज घोषणा की कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों…
कारगिल विजय दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की सफलता इस बात का प्रमाण है…
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज कर्तव्य भवन में शिक्षा मंत्रालय का औपचारिक रूप से…
ऊर्जा और खनन क्षेत्रों के केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) में परियोजना क्रियान्वयन, परिसंपत्ति…
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित रासायनिक…