केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के सालबगान में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा (IBB) से सटे त्रिपुरा के सीमावर्ती जिलों से जुड़े सुरक्षा संबंधी मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राज्य के सभी 8 सीमावर्ती जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। बैठक में राज्य सरकार के तंत्र के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सीमा प्रबंधन को सशक्त एवं व्यापक बनाने पर जोर दिया गया।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा कोई आइसोलेटेड ड्यूटी नहीं, बल्कि टेरिटोरियल रिस्पॉन्सिबिलिटी है। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, पटवारी, सरपंच, मॉडर्न टेक्नोलॉजी और सीमा सुरक्षा बल (BSF) मिलकर एक फुल-प्रूफ सुरक्षा ग्रिड का निर्माण करेगा।
अमित शाह ने कहा कि सिर्फ फेंसिंग ही नहीं, बल्कि टोटल टेरिटोरियल डिफेंस की अवधारणा पर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि लोकल एडमिनिस्ट्रेशन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी और BSF मिलकर एक फुली सिक्योर्ड और लीक-प्रूफ बॉर्डर ग्रिड बनाएँगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि सीमा पर रहने वाले लोगों को हथियारों और नारकोटिक्स की चुनौती से निपटने की ट्रेनिंग देने के लिए कैंप आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन कैंपों में पटवारी से लेकर स्थानीय थाने और BSF के जवानों तक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय के CCTV मॉडल को सबसे पहले त्रिपुरा में लागू किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि BSF के सभी कैमरों को अपग्रेड कर डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से जोड़ा जाए।
अमित शाह ने कहा कि बॉर्डर एरिया में हथियारों और ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ सघन अभियान निरंतर चलाए जाएं तथा नशे के कारोबार में योगदान देने वाली पूरी चेन के विरुद्ध रूथलेस अप्रोच के साथ कार्रवाई की जाए।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरहदी जिलों में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना राज्य सरकार की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि कलेक्टरों और GST अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाए तथा फेक करेंसी के विरुद्ध केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) सर्वे कराए।
अमित शाह ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक लेनदेन, बड़े निर्माण कार्यों और प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री पर पैनी नजर रखी जाए। उन्होंने पिछले 5 वर्षों के भूमि रिकॉर्ड की गहन जांच कराने का भी निर्देश दिया।
बैठक में रेखांकित किया गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत सरकार सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर सीमावर्ती क्षेत्र को सुरक्षित और सशक्त बना रही है। साथ ही, केन्द्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देकर सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
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