केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज बिहार के अररिया में सशस्त्र सीमा बल के जवानों से संवाद किया और बॉर्डर आउट पोस्ट लेटी व इंदरवा का उद्घाटन और SSB की विविध परियोजनाओं का ई-लोकार्पण और ई-शिलान्यास किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केन्द्रीय गृह सचिव, निदेशक, आसूचना ब्यूरो, सचिव, सीमा प्रबंधन, गृह मंत्रालय और महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज यहां सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लगभग ₹170 करोड़ की लागत से अनेक प्रकार के कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने 2014 से देश के सभी केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के जवानों की सुविधाओं के लिए एक संवेदनापूर्ण कार्ययोजना बनाई है और इसी के तहत आज यह शिलान्यास और लोकार्पण हुए हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज यहां पर SSB से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत 554 किलोमीटर सीमा सड़क को भी स्वीकृत किया गया है, जिसके 18 खंडों में से 14 खंडों पर कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्वीकृत 2468 करोड़ रूपए में से 2336 करोड़ रूपए खर्च हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह सड़क बनने के बाद SSB के जवानों की निगरानी की क्षमता अनेक गुना बढ़ जाएगी।
अमित शाह ने कहा कि हमने चुनाव में बिहार की जनता से वादा किया था कि हम बिहार को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ मतदाता सूची से घुसपैठियों का नाम नहीं हटाएंगे बल्कि एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर भारत से बाहर भेजेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश को घुसपठियों से मुक्त करना सिर्फ एक चुनावी वादा नहीं है बल्कि मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि हम पूरे सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त कर इसकी शुरुआत करेंगे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि घुसपैठिए सिर्फ हमारे चुनावों को प्रभावित नहीं करते बल्कि गरीबों के राशन में से भी हिस्सा ले जाते हैं, हमारे युवाओं की रोजगार की संभावनाओं को भी क्षीण करते हैं और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी बहुत बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पूरे देश को हर स्तर पर काम कर घुसपैठियों से मुक्त कराने का अभियान चलाना होगा। अमित शाह ने कहा कि देश की सीमा के 10 किलोमीटर के अंदर जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं उन्हें सबसे पहले इस अभियान के तहत हटा दिया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि जनसांख्यिकी का बदलाव किसी भी देश में स्वस्थ समाज का निर्माण नहीं करता है। अमित शाह ने कहा कि अतिक्रमण से, घुसपैठ से होने वाला डेमोग्राफी बदलाव किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल, तीनों के लिए बहुत खतरनाक होता है और मोदी सरकार इसका स्थायी समाधन करेगी।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जनसांख्यिकी परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित राज्य पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड हैं। उन्होंने कहा कि जब पश्चिम बंगाल में हमारी सरकार बनेगी तब हमारा सबसे पहला एजेंडा होगा सीमा पर बाड़ का काम समाप्त करना और एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर देश से बाहर भेजना।
अमित शाह ने कहा कि SSB को एक जमाने में विशेष सेवा ब्यूरो के नाम से जाना जाता था और हमारे सीमांत गांवों की सांस्कृतिक पहचान, इतिहास और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की ज़िम्मेदारी SSB पर ही थी। उन्होंने कहा कि अटल जी की सरकार के समय SSB के ज़िम्मे नेपाल-भूटान सीमा की सुरक्षा का काम आया। उन्होंने कहा कि 2001 में 1751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल की बाड़रहित सीमा की सुरक्षा SSB के हिस्से में आई। 2004 से 699 किलोमीटर लंबी भूटान की सीमाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी भी SSB को सौंपी गई। अमित शाह ने कहा कि SSB के जवानों ने हर जगह पर कठिनतम परिस्थितियों में सीमाओं की रखवाली और सीमांत गांवों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की कुशलता की हमेशा चिंता की।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह ज़रूरी नहीं कि हमारे देश के दुश्मन और देश को नुकसान की मंशा रखने वाले वाले तत्व देश के रास्ते का उपयोग कर भारत में प्रवेश न करें। उन्होंने कहा कि इसीलिए SSB को हमेशा अपनी नज़र पैनी रखनी होगी और अपनी सूचना के स्रोत को भी मज़बूत रखना होगा।
अमित शाह ने कहा कि सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ स्मग्लिंग, नारकोटिक्स और अन्य अवैध गतिविधियों पर भी SSB को पैनी नज़र रखनी है। उन्होंने कहा कि SSB के सभी अधिकारियों को इसके लिए एक SoP बनानी चाहिए जो सभी संभावित खतरों का आंकलन करने में सक्षम हो। उन्होंने कहा कि खुली सीमा की सुरक्षा करते हुए अनेक प्रकार के सीमा सुरक्षा के नए आयामों को हमें ध्यान में रखना पड़ता है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने वायब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम -2 और वायब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-1 के माध्यम से गांवों की स्थिति में बहुत महत्वपूर्ण सुधार करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता है कि हमारे जवानों और उनके परिजनों को सभी प्रकार की सुविधाएं मिलें।
अमित शाह ने कहा कि आज वीर सावरकर जी की पुण्यतिथि है। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर जी न सिर्फ आज़ादी के संग्राम के अप्रतिम योद्धा थे बल्कि एक निडर देशभक्त भी थे उन्होंने कहा कि वीर सावरकर जी की कलम में भी बहुत ताकत थी और उन्होंने अपने गद्य औऱ पद्य से पूरे देश में देशभक्ति का ज्वार जगाया। पहले लोग 1857 की सशस्त्र क्रांति को विप्लव के नाम से जानते थे लेकिन वीर सावरकर जी ने उसे स्वतंत्रता संग्राम का नाम दिया। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण से ही पूरे में देश का गुलामी की जंज़ीरों को तोड़कर फेंक देने का जज़्बा उभर कर आया था।
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