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I4C और RBIH ने म्यूल खातों तथा साइबर वित्तीय धोखाधड़ियों की AI-संचालित पहचान को मजबूत करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए

केन्द्रीय गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) ने साइबर-सक्षम वित्तीय धोखाधड़ियों से निपटने और बैंकिंग तथा डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में म्यूल खातों (Mule Accounts) पर लगाम लगाने के लिए सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस MoU का उद्देश्य धोखाधड़ी-जोखिम खुफिया जानकारी साझा करने (fraud-risk intelligence sharing), विश्लेषणात्मक सहायता (analytical support) और परिचालन समन्वय (operational coordination) के क्षेत्रों में सहयोग को सुविधाजनक बनाना है, ताकि धोखाधड़ी की पहचान सक्रिय रूप से पहले ही हो सके और ऐसी धोखाधड़ी की रोकथाम के तंत्र को मजबूत किया जा सके।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने X पर किए गए एक पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार साइबर सुरक्षित भारत बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। म्यूल खाते साइबर अपराधों को रोकने में बड़ी बाधा हैं। साइबर धोखाधड़ी से लड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत को उजागर करते हुए आज MHA के अधीन I4C ने रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम I4C की Suspect Registry से डेटा को AI-संचालित धोखाधड़ी की पहचान करने वाली प्रणाली में फीड करके छिपे हुए म्यूल खातों का तेजी से पता लगाएगा और उन्हें समाप्त करेगा, तथा नागरिकों को साइबर अपराध के खिलाफ next gen shield प्रदान करेगा।”

इस MoU पर I4C की IG (प्रशासन) रूपा एम और RBIH के CEO साहिल किन्नी ने हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर समारोह में RBI के डिप्टी गवर्नर रोहित जैन, MHA के विशेष सचिव (IS) आनंद स्वरूप, MHA के संयुक्त सचिव (CIS) राकेश राठी, I4C के CEO राजेश कुमार तथा RBI, RBIH और I4C के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस MoU के तहत, I4C और RBIH म्यूल खातों से संबंधित खुफिया जानकारी तथा संदिग्ध पहचानकर्ताओं (suspect identifiers) को I4C की Suspect Registry से साझा करने के लिए सहयोग करेंगे, ताकि बैंकों में लागू AI-संचालित धोखाधड़ी पहचान प्रणालियों जैसे MuleHunter.ai™ को और मजबूत किया जा सके। RBIH इन डेटासेट्स का उपयोग AI-संचालित धोखाधड़ी-जोखिम मूल्यांकन मॉडलों के प्रशिक्षण और सुधार के लिए करेगा, जिसमें MuleHunter.ai™ भी शामिल है।

I4C भारत के साइबर अपराध प्रतिक्रिया पारिस्थितिकी तंत्र (cybercrime response ecosystem) को मजबूत करने और सहयोग बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। यह कार्य राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP), Suspect Registry तथा अन्य खुफिया सूचना साझा करने वाले तंत्रों के माध्यम से किया जा रहा है। भारतीय रिज़र्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी RBIH वित्तीय क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दे रही है। यह प्रौद्योगिकी-संचालित पहलों तथा AI-सक्षम धोखाधड़ी पहचान के ढांचों के विकास के माध्यम से डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम की सुरक्षा और लचीलेपन को मजबूत करने तथा डिजिटल बैंकिंग इकोसिस्टम में नागरिकों का विश्वास बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है।

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