वस्तु और सेवा कर-जी.एस.टी. का राजस्व संग्रह अक्तूबर माह में 9 प्रतिशत बढ़कर एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया। जी.एस.टी. के राजस्व संग्रह में यह दूसरी रिकॉर्ड सर्वाधिक बढ़ोतरी है। घरेलू बिक्री और बेहतर अनुपालन के कारण यह वृद्धि दर्ज की गई है। अक्तूबर माह में केन्द्रीय जी.एस.टी. के रूप में 33 हजार आठ सौ 21 करोड़ रुपये, राज्य जी.एस.टी. के रूप में 41 हजार आठ सौ 64 करोड़ रुपये और एकीकृत जी.एस.टी. 99 हजार एक सौ 11 करोड़ रुपये तथा उपकर बारह हजार पांच सौ 50 करोड़ रुपये एकत्र हुए। कुल सकल जी.एस.टी. राजस्व संग्रह आठ दशमलव नौ प्रतिशत से बढकर एक लाख 87 हजार तीन सौ 46 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वर्ष इसी माह में जी.एस.टी. संग्रह एक लाख 72 हजार करोड़ रुपये था। इस वर्ष अप्रैल में दो लाख 10 हजार करोड़ रुपये एकत्र हुए थे। रिकार्ड जी.एस.टी संग्रह मजबूत भारतीय अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जी.एस.टी संग्रह में बढोत्तरी त्यौहारी मौसम में बिक्री और बेहतर अनुपालन के कारण हुई है।
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