भारत सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय ने विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र के साथ साझेदारी में, मध्य एशियाई देशों- कजाकिस्तान, किर्गिज गणराज्य, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उजबेकिस्तान के लिए 12-14 नवंबर 2025 तक नई दिल्ली में तीन दिवसीय रणनीतिक साइबर अभ्यास का आयोजन किया।
सामरिक साइबर अभ्यास, सुरक्षा परिषदों/एनएसए के सचिवों की भारत-मध्य एशियाई बैठक के ढांचे के अंतर्गत भारत द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं में से एक के सफल समापन का प्रतीक है। इस अभ्यास में साइबर सुरक्षा एजेंसियों, राष्ट्रीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों और मध्य एशियाई देशों की संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की तकनीकी टीमों ने भाग लिया।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे और लगातार जटिल होते अंतरराष्ट्रीय साइबर खतरों से निपटने के लिए तकनीकी टीमों को उन्नत कौशल से सुसज्जित करना था। इसने उच्च-स्तरीय रणनीतिक नीतिगत निर्णय लेने और सहयोग के भावी क्षेत्रों पर विचार-विमर्श के कौशल के साथ गहन तकनीकी क्षमता निर्माण को भी सफलतापूर्वक समेकित किया।
इन क्षेत्रों की साइबर सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने भी स्थायी रणनीतिक साइबर सहयोग के लिए तंत्र की खोज करने पर चर्चा की।
अभ्यास का सफल समापन भारत और मध्य एशिया की सामूहिक सुरक्षा यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो एकल राष्ट्रीय सुरक्षा से परस्पर जुड़े और गतिशील साइबर इको-सिस्टम में परिवर्तित हो रहा है।
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