केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज नई दिल्ली स्थित संचार भवन में आयरलैंड के सार्वजनिक व्यय, अवसंरचना, लोक सेवा सुधार एवं डिजिटलीकरण मंत्री जैक चैम्बर्स के साथ एक द्विपक्षीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल तथा दूरसंचार विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। आयरिश प्रतिनिधिमंडल में आयरलैंड के सार्वजनिक व्यय, अवसंरचना, लोक सेवा सुधार एवं डिजिटलीकरण मंत्री जैक चैम्बर्स, भारत में आयरलैंड के राजदूत केविन केली तथा आयरलैंड सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित थे।
बैठक में दूरसंचार, डिजिटल अवसंरचना, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा नियामकीय सहयोग के क्षेत्रों में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों की पुनः पुष्टि की गई।
भारत–आयरलैंड डिजिटल साझेदारी को सुदृढ़ करना
दोनों पक्षों ने भारत की व्यापकता एवं त्वरित क्रियान्वयन क्षमता और आयरलैंड के अनुसंधान-आधारित नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तथा यूरोपीय संघ- अनुकूल नियामकीय ढांचे के बीच मजबूत पूरकताओं को समझा। बैठक में दूरसंचार विभाग और आयरलैंड के संचार विनियमन आयोग के मध्य संरचित सहयोग की संभावनाओं पर बल दिया गया, जिसे शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स तथा उद्योग से जुड़े हितधारकों के सहयोग से आगे बढ़ाया जा सकता है।
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “भारत और आयरलैंड, दोनों ही गतिशील एवं नवाचार-प्रेरित लोकतंत्र हैं जिनके बीच क्वांटम संचार से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नियामकीय नवाचार तथा ग्रामीण ब्रॉडबैंड सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। हम अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ में भारत की उम्मीदवारी के लिए आयरलैंड के समर्थन की भी अपेक्षा करते हैं। साथ मिलकर हम एक सुदृढ़ और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल साझेदारी का निर्माण कर सकते हैं।”
माननीय मंत्री ने आयरिश पक्ष को वर्ष 2014 के बाद भारत की सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी परिवर्तन यात्रा से अवगत कराया। उन्होंने उल्लेख किया कि आज भारत विश्व के सबसे बड़े डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतिनिधित्व करता है, जहां 1.23 अरब से अधिक दूरसंचार उपभोक्ता तथा लगभग एक अरब इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं। उन्होंने बताया कि 5G कवरेज देश के लगभग 99.9 प्रतिशत जिलों तक विस्तारित हो चुका है। औसत डेटा शुल्क लगभग 0.10 अमेरिकी डॉलर प्रति जीबी होने के कारण डिजिटल कनेक्टिविटी व्यापक रूप से सुलभ और किफायती बनी है।
उन्होंने भारत के सस्ती दर पर वॉइस एवं डेटा उपलब्ध कराये जाने पर विशेष प्रकाश डाला, जो वैश्विक स्तर पर सबसे कम दरों में से हैं। साथ ही, उन्होंने भारत द्वारा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डी पी आई) के सफल निर्माण को रेखांकित किया। विशेष रूप से, उन्होंने एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यू पी आई) के परिवर्तनकारी प्रभाव का उल्लेख किया, जो अंतःपरिचालनीय (इंटरऑपरेबल) डिजिटल भुगतान के वैश्विक मॉडल के रूप में विकसित हुआ है। इसके अतिरिक्त, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डी बी टी) प्रणाली का भी उल्लेख किया गया, जिसके माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सरकारी धन राशि सीधे निर्बाध रूप से हस्तांतरित की जाती है, जिससे पारदर्शिता एवं दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने आयरलैंड से आगामी अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आई टी यू) चुनावों के लिए भारत की उम्मीदवारी के समर्थन का आग्रह किया। इसमें रेडियो संचार ब्यूरो के निदेशक पद हेतु एम. रेवती की उम्मीदवारी, 2027–2030 की अवधि के लिए आईटीयू परिषद में भारत के पुनः निर्वाचन तथा वर्ष 2030 में आईटीयू की पूर्णाधिकारी सम्मेलन की मेजबानी के भारत के प्रस्ताव का समर्थन शामिल है।
भारतीय पक्ष ने डिजिलॉकर जैसे प्रमुख डिजिटल पहलों के अनुभव भी साझा किए, जिसमें व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा हेतु सुदृढ़ गोपनीयता एल्गोरिद्म समाहित हैं। साथ ही, डिजी यात्रा पहल का उल्लेख किया गया, जो हवाई अड्डों पर निर्बाध एवं कागजरहित यात्रा अनुभव को सक्षम बनाती है। इसके अतिरिक्त, संचार साथी पहल तथा इसके विभिन्न मॉड्यूल्स पर भी प्रकाश डाला गया। इनमें खोए या चोरी हुए मोबाइल उपकरणों की पुनर्प्राप्ति हेतु केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सी ई आई आर), अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल को रोकने करने हेतु (सीआईओआर), दूरसंचार ऑपरेटरों द्वारा स्पैम कॉल अलर्ट तंत्र, तथा फर्जी मोबाइल कनेक्शनों की पहचान के लिए एएसटीआरए (ए एस टी आर ए) प्रणाली शामिल हैं।
आयरलैंड के मंत्री जैक चैम्बर्स ने आयरलैंड की राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड योजना के संबंध में अपने विचार साझा किए। उन्होंने उल्लेख किया कि यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वभौमिक, सार्थक तथा सस्ता संपर्क प्रदान करने के संदर्भ में महत्वपूर्ण अनुभव और उपयोगी सीख प्रदान करती है। उन्होंने आयरलैंड की अर्थव्यवस्था, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तथा रोजगार सृजन में भारतीय समुदाय के उल्लेखनीय योगदान की भी सराहना की।
आयरलैंड के मंत्री ने बैठक में उनके अपने देश भर के लिए चल रही अरबों यूरो की लागत वाली फाइबर नेटवर्क विस्तार परियोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत और आयरलैंड के बीच सुदृढ़ एवं निरंतर विकसित होते व्यापारिक संबंधों का भी उल्लेख किया, जो यूरोपीय संघ के साथ भारत के कुल व्यापार में एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखते हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आई सी टी) क्षेत्र में व्यवसायों तथा उद्योग साझेदारियों के लिए आगे और अवसर तलाशने में गहरी रुचि व्यक्त की।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
दोनों पक्षों ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आई सी टी) के क्षेत्र में व्यवस्थित विचार-विमर्श, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा उद्योग-संयोजन इत्यादि क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही बैठक में भारत और आयरलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने, डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने तथा व्यापार एवं निवेश को विस्तार देने के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की गई।
दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आई टी यू) के ढांचे के अंतर्गत निकट सहयोग करने तथा नियामकीय एवं प्रौद्योगिकीय क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान की आवश्यकता पर बल दिया।
आगे की राह
दोनों पक्षों ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आई सी टी) के क्षेत्र में संरचित सहभागिता, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा उद्योग-संयोजन को सरकार-से-सरकार (जी 2 जी), सरकार-से-व्यवसाय (जी 2 बी) एवं व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी 2 बी) संवाद के माध्यम से सुदृढ़ करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक में दोनों देशों द्वारा मुक्त, सुरक्षित, लचीले तथा अंतःपरिचालनीय डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करने को लेकर साझा प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की गई, जो नवाचार, आर्थिक वृद्धि तथा विश्वसनीय वैश्विक संपर्क को प्रोत्साहित करे।
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